बेंगलुरु।कर्नाटक में आखिरकार सरकार का नेतृत्व परिवर्तन हो गया। डी.के. शिवकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु के लोक भवन में कर्नाटक के 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उन्होंने हाथ में संविधान लेकर मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। जी. परमेश्वर को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। साथ ही सिद्धारमैया के एमएलसी बेटे यतींद्र सिद्धारमैया समेत 12 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली।उन्हें 30 मई को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया था। अब सिद्धारमैया की जगह शिवकुमार राज्य की कमान संभालेंगे। सिद्धारमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी मौजूद रहे।कर्नाटक के नए शिवकुमार मंत्रिमंडल में वोक्कालिगा और लिंगायत समुदाय के तीन-तीन चेहरों को शामिल किया गया है।
किन–किन विधायकों ने ली मंत्री पद की शपथ
- के.एच. मुनियप्पा – कांग्रेस का दलित चेहरा
- मुनियप्पा – पहली बार के विधायक, एससी समुदाय का प्रतिनिधित्व
- यतींद्र सिद्धारमैया – पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे
इसके अलावा के.जी. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, प्रियांक खड़गे, यू.टी. खादर, ईश्वर खांद्रे, बैराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
तीन साल बाद पावर ट्रांसफर
शिवकुमार राज्य में सुशासन को अपनी प्राथमिकता बता चुके हैं। उन्होंने सबसे पहले राज्य की जनता का उन पर विश्वास जताने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आगे का रास्ता आसान नहीं होगा और कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करेंगे तथा जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे।उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का फोकस सुशासन, विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और निवेश आकर्षित करने जैसे प्रमुख मुद्दों पर रहेगा।
डी.के. शिवकुमार का राजनीतिक सफर
- छात्र राजनीति से शुरुआत, NSUI और युवा कांग्रेस के माध्यम से राजनीति में सक्रिय हुए।
- 1985 में सथानूर सीट से पहला विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए।
- 1989 में सथानूर से विधायक चुने गए और पहली बार कर्नाटक विधानसभा पहुंचे।
- 1990 और 2000 के दशक में कई बार विधायक बने और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हुए।
- विभिन्न सरकारों में शहरी विकास, कारागार और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।
- 2008 से कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र उनका प्रमुख राजनीतिक गढ़ बन गया।
- पार्टी के राजनीतिक संकटों को संभालने की क्षमता के कारण राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली।
- 2020 में कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बने और संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी संभाली।
- 2023 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद उपमुख्यमंत्री नियुक्त हुए।
देश के अमीर नेताओं में शिवकुमार का नाम
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार देश के सबसे अमीर नेताओं में गिने जाते हैं। उनके पास 1,413 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। उनका कारोबार रियल एस्टेट, खनन और होटल उद्योग से जुड़ा हुआ है। इतनी संपत्ति के बावजूद उनके चुनावी हलफनामे में केवल एक टोयोटा क्वालिस कार दर्ज है। उन पर 263 करोड़ रुपये का कर्ज भी है।कांग्रेस में उनकी पहचान ऐसे नेता की है जो पार्टी के विधायकों को टूटने से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। किसी भी बड़े राजनीतिक अभियान, चुनाव प्रबंधन, प्रचार या गुप्त रणनीति के लिए जिस वित्तीय और लॉजिस्टिक सहयोग की आवश्यकता होती है, उसे वे प्रभावी ढंग से संभालने के लिए जाने जाते हैं।




