नई दिल्ली: देश की राजधानी में राजनीतिक पारा उस वक्त चढ़ गया जब छात्र हितों के मुद्दों को लेकर कांग्रेस आक्रामक मोड में नजर आई. राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने सीधे प्रधानमंत्री आवास के बाहर मोर्चा खोल दिया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस और नेताओं के बीच तीखी झड़प देखने को मिली, इधर आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन को बीजेपी-कांग्रेस की जुगलबंदी करार दिया है.
कांग्रेस का पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन
राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के दिग्गज धरना पर बैठ गए हैं. वहीं इस मामले पर कांग्रेस कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि, ये धरना तब तक जारी रहेगा जब तक खुद पीएम मोदी बात करने के लिए सामने न आ जाएं. इसके अलावा पार्टी ने मुख्य रूप से मांग उठाई है कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर इस पूरे मामले पर बयान दें और स्पष्ट चर्चा कराई जाए. छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के लिए सरकार सीधे तौर पर जवाबदेह बने. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पदों से इस्तीफा दें. विरोध प्रदर्शन इतना बढ़ गया कि दिल्ली पुलिस ने एहतियात बरतते हुए कांग्रेस सांसद के सुरेश, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कन्हैया कुमार सहित कई दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. सुरक्षा के मद्देनजर पीएम आवास के आसपास अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है.
राहुल गांधी की जनता से बड़ी अपील

धरने पर अड़े राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देश के नाम संदेश जारी किया. उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों पर हमला सीधे तौर पर हर भारतीय परिवार पर हमला है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को लगता है कि वे बिना जवाब दिए बच निकलेंगे, लेकिन ऐसा मुमकिन नहीं है. राहुल गांधी ने हर देशवासी से आह्वान किया कि वे न्याय की इस लड़ाई में प्रधानमंत्री आवास के सामने चल रहे धरने से जुड़ें. संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरते हुए कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने दो टूक कहा कि विपक्ष पिछले 45 दिनों से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है, लेकिन सरकार बचना चाहती है. वहीं, हिरासत में लिए गए सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जब चुने हुए सांसदों के साथ ऐसा बर्ताव हो रहा है, तो आम छात्रों पर पुलिस ने क्या जुल्म ढाया होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. सांसद मणिकम टैगोर ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की निंदा करते हुए सीधे गृह मंत्री को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया.
‘आप’ ने कांग्रेस के प्रदर्शन पर उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन की टाइमिंग और शैली पर तंज कसा है. आप नेता आतिशी ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह हैरान करने वाली जुगलबंदी है. एक तरफ जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक का महीनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है. वहीं, राहुल गांधी को प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन की अनुमति भी मिलती है और चंद घंटों में सरकार का रुख भी सामने आ जाता है.

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी पोस्ट करते हुए कटाक्ष किया कि विपक्ष के विरोध की धार को कमजोर करने के लिए यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है. बता दें राहुल गांधी के नेतृत्व में वायनाड से कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा समेत कई नेता धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए.




