राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एफआईआर के बाद ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि एफआईआर में उनका नाम नहीं है जिसके चलते एसआईटी की जांच सवालों के घेरे में है।दिल्ली में राम मंदिर निर्माण समिति के प्रमुख नृपेंद्र मिश्र ने चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे की पुष्टि की है।एफआईआर में चंपत राय का नाम शामिल नहीं है, जिसको लेकर विपक्ष भी लगातार हमलावर है।

FIR में शामिल 8 आरोपियों के नाम
• रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव (ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय के करीबी/ड्राइवर)
• मनीष यादव (टिन्नू यादव का भतीजा)
• अनुकल्प मिश्र (नोटों की गिनती करने वाला कर्मी/कैशियर)
• लवकुश मिश्र (अनुकल्प मिश्रा का बहनोई/कैशियर)
• सुभाष श्रीवास्तव (रिटायर्ड बैंक कर्मी और काउंटिंग इंचार्ज)
• करुणेश पांडेय (कैशियर)
• रमाशंकर मिश्र (कैशियर)
• अविनाश शुक्ल (कैशियर)
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में करीब 18 दिनों बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आखिरकार गुरुवार को एफआईआर दर्ज करा दी। इसमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव समेत आठ आरोपी बनाए गए हैं।स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम की शुरुआती जांच में भक्तों के चढ़ावे के प्रबंधन, हिसाब-किताब और निगरानी में गंभीर अनियमितताएं पाई गई थीं।SIT की सिफारिशों के आधार पर इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज की गई। यह शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई थी, जिन्हें पूर्व ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सितंबर 2025 में ट्रस्ट में शामिल किया गया था।

चढ़ावा चोरी को केजरीवाल ने बताया ‘महापाप’
केजरीवाल ने अयोध्या दौरे के दौरान रामलला के दर्शन किए और इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भगवान के चढ़ावे की चोरी करना एक बहुत बड़ा पाप है और उन्होंने प्रार्थना की कि दोषियों को कठोर दंड मिले इस मामले में केवल 8 छोटे कर्मचारियों की गिरफ्तारी को उन्होंने ‘छलावा’ बताया, उन्होंने आरोप लगाया की इतने बड़े घोटाले के तार ऊपर तक जुड़े हैं और बड़े प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है।




