छत्रपति संभाजीनगर: ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका संगठन फिलहाल कोई राजनीतिक दल गठित नहीं करेगा. महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश को इस समय किसी नई राजनीतिक पार्टी की तुलना में एक सशक्त जन-आंदोलन और मजबूत प्रेशर ग्रुप की अधिक आवश्यकता है.
राजनीतिक दल न बनाने का कारण
अभिजीत दीपके ने कहा कि यदि CJP एक राजनीतिक दल का रूप लेती, तो उनका आंदोलन अपनी मूल भावना से भटक सकता था. आंदोलन की सफलता का मुख्य कारण यह रहा कि विभिन्न विचारधाराओं और राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े लोग लोकतंत्र को कमजोर करने वाली नीतियों के विरोध में एकजुट हुए. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश की मुख्य संस्थाओं चाहे वह राजनीतिक व्यवस्था हो, मीडिया, न्यायपालिका या चुनाव आयोग हो इनपर आम जनता का विश्वास घटा है. ऐसे में लोकतांत्रिक संस्थाओं की साख और जनता के भरोसे को बहाल करने के लिए व्यापक जनांदोलन की जरूरत है.
दो दिवसीय कोर कमेटी बैठक के मुख्य बिंदु
छत्रपति संभाजीनगर में आयोजित CJP की दो दिवसीय बैठक में अभिजीत दीपके और मुख्य प्रवक्ता सौरव दास सहित कोर कमेटी के 13 प्रतिनिधि भाग ले रहे है. बात करें इस बैठक के प्रमुख एजेंडे की तो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए 36 दिवसीय प्रदर्शन का मूल्यांकन, E20 ईंधन नीति और देश की मौजूदा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत मंथन और CJP के प्रभाव को देशभर में फैलाने और नए सदस्यों को जोड़ने की रणनीति शामिल है.
झारखंड के छात्र प्रदर्शनकारियों को समर्थन
CJP ने झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की है. संगठन की टीम झारखंड जाकर आंदोलनरत छात्रों की मांगों के समर्थन में खड़ी होगी. CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज FIR को वापस लेने के संदर्भ में शासन-प्रशासन से बातचीत चल रही है. इसके अलावा, आंदोलन के दौरान चोटिल हुए विद्यार्थियों के लिए कानूनी सहायता और चिकित्सीय देखभाल का प्रबंध भी किया जा रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक संगठन के मार्गदर्शक की भूमिका निभाते रहेंगे.
निजता के उल्लंघन पर बोले प्रवक्ता सौरव दास
बैठक के दौरान मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर जानकारी साझा की कि कुछ यूट्यूबर्स और मीडियाकर्मी बिना अनुमति उनके निजी आवास में दाखिल हो गए और घर के अंदरूनी दृश्य प्रसारित करने लगे. सौरव दास ने इसे निजता के अधिकार का गंभीर हनन और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए खतरा बताया. उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनके घर या परिवार पर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके जिम्मेदार ये मीडियाकर्मी और उनसे जुड़े ट्रोलर्स होंगे.
जंतर-मंतर आंदोलन का घटनाक्रम
उल्लेखनीय है कि CJP ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था. इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों, युवाओं और अभिभावकों ने सहभागिता की थी. आंदोलन के दौरान पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे. 20 जुलाई को निकाले गए संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई भी हुई थी. अंततः 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पश्चात CJP ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा की थी.



