डिजिटल जनगणना 2027: 40 सवालों की सूची जारी, जानिए आजादी के बाद पहली बार क्या-क्या बदलाव होंगे

इस बार की जनगणना में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेंगे, जो इसे पिछली जनगणनाओं से पूरी तरह अलग बनाते हैं.

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आगामी डिजिटल जनगणना 2027 के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. इसके तहत 40 प्रमुख प्रश्नों की सूची जारी की गई है. इस बार की जनगणना में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेंगे, जो इसे पिछली जनगणनाओं से पूरी तरह अलग बनाते हैं.

जाति की जानकारी का नया सवाल

1947 में देश की आजादी के बाद यह पहला मौका होगा जब जनगणना में केवल एससी/एसटी तक सीमित न रहकर, सभी समुदायों की जाति से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी. प्रश्नों की सूची में सवाल नंबर 10 जाति से संबंधित है, जिसमें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ ‘जाति’ का नया विकल्प भी जोड़ा गया है. गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2011 की जनगणना में कुल 29 प्रश्न पूछे गए थे और उसमें जाति के कॉलम में सिर्फ SC/ST का ही प्रावधान था.

5 मुख्य वर्गों में पूछे जाएंगे ये 40 सवाल

जनगणना के कुल 40 प्रश्नों को मुख्य रूप से 5 अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है.

1. व्यक्तिगत पहचान एवं पारिवारिक विवरण (12 प्रश्न)

  • परिवार के प्रत्येक सदस्य का नाम और मुखिया से संबंध।
  • लिंग, जन्म तिथि, वर्तमान आयु और वैवाहिक स्थिति।
  • विवाह के समय आयु, जीवनसाथी का नाम, राष्ट्रीयता और धर्म।
  • SC/ST और जाति से संबंधित जानकारी तथा माता-पिता का विवरण।

2. शिक्षा और डिजिटल साक्षरता (5 प्रश्न)

  • साक्षरता का स्तर और डिजिटल साक्षरता की जानकारी।
  • मातृभाषा एवं अन्य भाषाओं का ज्ञान।
  • शैक्षणिक संस्थान में उपस्थिति, सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता, स्ट्रीम और विषय।
  • दिव्यांगता से संबंधित सवाल।

3. रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियां (8 प्रश्न)

  • बीते एक वर्ष में किए गए कार्य/रोजगार की जानकारी।
  • आर्थिक गतिविधि का प्रकार, व्यवसाय और कार्य क्षेत्र।
  • कामगार श्रेणी, गैर-आर्थिक गतिविधियां और रोजगार की तलाश से जुड़े सवाल।
  • कार्यस्थल तक आने-जाने (ट्रांसपोर्ट/कम्यूट) का माध्यम।

4. जन्म, प्रवासन (Migration) एवं जनसांख्यिकी (8 प्रश्न)

  • जन्म स्थान, पिछला निवास स्थान और प्रवासन का मुख्य कारण।
  • वर्तमान और स्थायी निवास स्थान पर रहने की अवधि।
  • महिलाओं से जुड़े सवाल: कुल जीवित बच्चों की संख्या और पिछले एक वर्ष में जन्मे बच्चों की जानकारी।

5. बैंक अकाउंट, सरकारी दस्तावेज और कोविड वैक्सीन (7 प्रश्न)

  • कोविड-19 वैक्सीन: टीकाकरण कहां करवाया गया, इसकी जानकारी ली जाएगी।
  • दस्तावेज उपलब्धता: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध हैं या नहीं।
  • वित्तीय एवं संपर्क जानकारी: कुल बैंक खातों की संख्या और प्राथमिक मोबाइल नंबर दर्ज किया जाएगा।

देश की पहली पूरी तरह ‘डिजिटल जनगणना’

जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी. आम नागरिकों को खुद अपनी और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करने (Self-Enumeration) की सुविधा मिलेगी. यह पूरी प्रक्रिया सेंसस एक्ट, 1948 और सेंसस रूल्स, 1990 के तहत संचालित होगी. केंद्र सरकार ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है.

पूरी तरह सुरक्षित रहेगी आपकी जानकारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी. सेंसस एक्ट की धारा 15 के अनुसार, दर्ज की गई जानकारी को न तो सार्वजनिक किया जा सकता है और ना ही इसे RTI (सूचना के अधिकार) के तहत मांगा जा सकता है. इस डेटा का उपयोग किसी भी अदालत में साक्ष्य (Evidence) के रूप में भी नहीं किया जा सकेगा.

(नोट: यह जनगणना पहले वर्ष 2021 में आयोजित की जानी थी, लेकिन वैश्विक कोविड-19 महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।)

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