आजादी के 80 साल…आगे विकसित भारत 2047 का लक्ष्य। लाल किले की प्राचीर पर शान से लहरा रहा तिरंगा।

0
17

भारत देश आज आजादी की 80वीं वर्षगांठ मना रहा है। दिल्ली में लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाह से तिरंगा फहराया। लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गाया गया। उसके बाद राष्ट्रगान हुआ, 21 तोपों की सलामी दी गई। वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरा होने का भी देश जश्न मना रहा है। 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने लाल किले पर 76 मिनट का भाषण दिया। लाल किले से संबोधन के बाद पीएम मोदी बच्चों से मिले।

‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल से सावधआन’

पीएम ने कहा- ‘हथियारी नक्सल तो चले गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। समाज को गलत राह पर ले जाने के लिए तरह-तरह के काम कर रहे हैं।’’हमने नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था। आज नक्सल क्षेत्र में नक्सल मुक्त होने के कारण विकास का तिरंगा लहरा रहा है। हमें सावधान रहने की जरूरत है। हथियारबंद नक्सल तो गए, लेकिन दिमागी नक्सल मौके की तलाश में हैं। इन दिमागी नक्सलों को पहचानना होगा। इन्हें युवाओं को भटकाने से बचाना होगा।’उन्होंने कहा, ‘ऐसे लोग हिंसा अराजकता के रास्ते खोज रहे हैं। इन दिमागी नक्सलियों को पहचानना होगा और इन्हें आइसोलेट करना होगा और विकसित राष्ट्र बनाने की ओर देश की युवा पीढ़ी को जोड़ना होगा।’

युवाओं के लिए लाल किले से बड़ी घोषणाएं

पीएम मोदी के संबोधन में युवाओं पर खास फोकस रहा। पीएम ने युवाओं के लिए बड़ी घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि सरकार अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देगी। गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के युवाओं के लिए कई परीक्षाओं की फ्री ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को संबोधित करते हुए कहा, ‘कुछ चीजें मैंने बताई है लेकिन मैं इससे भी आगे सोचता हूं। मैं जरा देश को झकझोरना चाहता हूं, मैं देश की शक्ति को भी झकझोरना चाहता हूं। देश यानी केवल सरकार नहीं होती है, देश का मतलब हर नागरिक जुड़ता है। क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्यून 500 की चर्चा तो हम बहुत सुनते हैं, आने वाले 1 दशक में इन फॉर्च्यून 500 में 50 कंपनियां भारत की क्यों न हों, ये लक्ष्य हमारा क्यों न होना चाहिए।

महिला सशक्तिकरण का भी गूंजा नारा

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में नारी शक्ति पर भी जोर दिया। हमारी माताओं बहनों को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले। वे भारत की नीति में अपना योगदान दें। समय की मांग है। मैं सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं। आइए महिला आरक्षण लागू करके महिलाओं के सम्मान में आप भी जुड़िए और क्रेडिट लीजिए लेकिन मेरी माताओं बहनों को हक दीजिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here