अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला, SIT ने जांच रिपोर्ट गृह सचिव को सौंपी, ट्रस्ट के लोगों पर भी संदेह

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी ने जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंप दी है। शासन द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी पिछले सोमवार से अयोध्या में इस पुरे मामले की जांच पड़ताल कर रही थी। जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि रिपोर्ट में क्या है इसे लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी हैं। टीम के सदस्य विजय विश्वास पंत ने बताया, “आज हमने अयोध्या मामले की जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव को सौंपी हैं। ये एक प्रारंभिक प्रतिवेदन हैं उसी क्रम में ये रिपोर्ट दी गई है। ये गोपनीय जांच हैं इसलिए अभी हम इस कुछ भी बोलने के लिए अधिकृत नहीं है। जो हमारी फाइंडिग्स थी वो हमने उपलब्ध करा दी हैं.”  

आने वाले दिनों में हो सकता है बड़ा एक्शन

एसआईटी की टीम ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट के आधार पर आने वाले समय में कुछ बड़े एक्शन देखने को मिल सकते हैं। इस पूरे मामले में चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों, कुछ ट्रस्ट के लोगों और एसबीआई बैंक के कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। इस रिपोर्ट में किन-किन लोगों को जिम्मेदार बताया गया है उसके बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है।

चंपत राय की भूमिका पर उठे सवाल

SIT ने चंपत राय और ट्रस्ट के अन्य अधिकारियों से लगातार पूछताछ की, जिसमें कई बड़े खुलासे हुए।राम मंदिर आंदोलन से जुड़े कुछ स्थानीय लोगों ने ट्रस्ट पर मंदिर की कीमती प्राचीन और ऐतिहासिक शिलाएं गायब होने का भी आरोप लगाया है। साथ ही एसआईटी को चरण पादुका और हीरे जड़ित हार भी नहीं मिला जिसके बाद चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठ रहे है। कई बड़ी अनिमितताएं सामने आने के बाद, चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर एक्शन लगभग तय माना जा रहा है। उन्हें ट्रस्ट से हटाने की संभावनाओं पर भी विचार चल रहा है। इसके पहले अयोध्या में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रमों से भी चंपत राय को स्पष्ट रूप से दूरी रखने को कहा गया था।

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