प्यार का नकाब, हवस का कारोबार… बस्ती से विदेशों तक फैला ब्लैकमेल और देह व्यापार

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उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से सामने आई यह कहानी सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत को झकझोर देने वाली एक खौफनाक साजिश है।यह कहानी है प्यार के नाम पर धोखे की, शादी के वादों पर दरिंदगी की, और भरोसे को हथियार बनाकर जिस्मों की खरीद-फरोख्त की।

बस्ती जिले में पुलिस ने जिस कथित लव जिहाद और सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट का खुलासा किया है, उसने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला कर रख दिया है। आरोप है कि अजफरुल हक उर्फ प्रिंस और उसके संगठित गिरोह ने 300 से अधिक लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर, उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाए और फिर इन्हीं वीडियो के ज़रिये उन्हें ब्लैकमेल कर देश और विदेशों तक देह व्यापार के लिए भेजा।इस मामले के सामने आने के बाद सवाल सिर्फ एक नहीं, कई हैं—क्या यह सिर्फ एक आरोपी की कहानी है?या फिर यह एक ऐसा नेटवर्क है, जिसकी जड़ें समाज के भीतर गहराई तक फैली हुई हैं?

कैसे शुरू हुआ प्यार का यह खतरनाक खेल?

कलवारी थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता बस्ती शहर के एक निजी अस्पताल में काम करती थी।जनवरी 2022 में उसकी मुलाकात अजफरुल हक उर्फ प्रिंस से हुई।
आरोप है कि आरोपी ने खुद को हिंदू बताकर पीड़िता से दोस्ती बढ़ाई।भरोसा जीतने के लिए हाथ में कलावा, ज़ुबान पर सहानुभूति और बातों में भविष्य के सपने।
पहले नौकरी दिलाने का झांसा,फिर लगातार बातचीत,और धीरे-धीरे यह रिश्ता प्यार में बदल गया।पीड़िता का आरोप है कि भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक शोषण करता रहा।

जब सच सामने आया, तो सामने आई दरिंदगी

पीड़िता का कहना है कि जब वह शादी की बात लेकर आरोपी के घर पहुँची, तो हालात और भयावह हो गए।आरोप है कि अजफरुल हक, उसके भाई और अन्य सहयोगियों ने मिलकर सामूहिक दुष्कर्म किया।इतना ही नहीं—विरोध करने पर परिवार को जान से मारने की धमकी,भाई के अपहरण की चेतावनी,और झूठे मुकदमों में फंसाने का डर।पीड़िता का दावा है कि उसे इस कदर मानसिक रूप से तोड़ दिया गया कि वह चाहकर भी आरोपी के चंगुल से बाहर नहीं निकल पाई।आपत्तिजनक वीडियो बने ब्लैकमेलिंग का हथियार,जांच में जो सबसे सनसनीखेज बात सामने आई, वह यह कि आरोपी और उसका गिरोह लड़कियों के निजी और आपत्तिजनक वीडियो बना लेता था।बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए—वीडियो वायरल करने की धमकी,परिवार को बदनाम करने का डर,सामाजिक प्रतिष्ठा खत्म करने की चेतावनी,इन हथकंडों से लड़कियों को पूरी तरह अपने काबू में कर लिया जाता था।पीड़िता का दावा है कि इसी तरीके से करीब 300 लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाया गया, उनके वीडियो बनाए गए और फिर उन्हें अलग-अलग राज्यों और नेपाल जैसे देशों तक देह व्यापार के लिए भेजा गया।

हिस्ट्रीशीटर निकला ‘प्यार का सौदागर’

पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी अजफरुल हक उर्फ प्रिंस कोई आम युवक नहीं, बल्कि थाने का हिस्ट्रीशीटर अपराधी है।उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।पीड़िता का आरोप है कि इस पूरे काले कारोबार में आरोपी के परिवार वाले भी शामिल थे और उन्होंने भी उसे इस दलदल में धकेलने की कोशिश की।यह मामला अब सिर्फ यौन शोषण का नहीं, बल्कि संगठित अपराध और मानव तस्करी का रूप ले चुका है।

8 आरोपियों पर FIR, एक गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।डिप्टी एसपी सत्येंद्र भूषण तिवारी के मुताबिक, पीड़िता की शिकायत के आधार पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है और विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नेपाल और दूसरे राज्यों तक फैला नेटवर्क

सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऐसे संकेत मिले हैं कि इस गिरोह की पहुंच नेपाल और अन्य राज्यों तक है।इसके लिए एजेंट, ठिकाने और संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल किया गया।पुलिस अब मोबाइल डेटा,सोशल मीडिया अकाउंट्स,कॉल डिटेल रिकॉर्ड,की फॉरेंसिक जांच कर रही है।जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इस काले खेल की परतें खुलती जा रही हैं।

सबसे बड़ा सवाल,300 या इससे भी ज्यादा?

फिलहाल जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पीड़िताओं की संख्या 300 तक ही सीमित है?या फिर इसके पीछे इससे भी बड़ा और खतरनाक नेटवर्क छिपा है?अगर आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला राज्य के सबसे बड़े लव जिहाद और सेक्स ट्रैफिकिंग रैकेट्स में से एक बन सकता है।

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