राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पहली बार संघ की ओर से बयान जारी कर नाराजगी जताई गई।संघ सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने कहा- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना जरूरी है।इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें। जिस पर अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर एक बार फिर बीजेपी और संघ को आड़े हाथों लेते हुए सुरंगजीवि बताया।

न अयोध्या क्षमा करेगा, न देश, न वो परम प्रभु- अखिलेश
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर जमकर निशाना साधा। अखिलेश ने लिखा- आख़िरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है। फिर भी 140 करोड़ देशवासी और दुनियाभर के चंदा-दान देनेवाले सनातनी पूछ रहे हैं कि हर काम में आगे रहनेवाले, इस घोर-गंभीर मसले पर ख़ुद सामने क्यों नहीं आए, अपने से पीछेवाले को आगे क्यों कर दिया, क्या इसमें भी ये सोचकर साज़िश की गई है कि ‘महापाप’ के दोष और जनाक्रोश से ख़ुद को बचा लो और दूसरे को फँसाकर उससे सफ़ाई दिलवा दो। जो षड्यंत्रजीवी रहे हैं अब तो वो आपस में भी एक-दूसरे की मुखबिरी कर रहे हैं। बंटवारे की लड़ाई सारे राज़ खोल देगी। जो शातिर सेंध लगाकर, बोरी भरकर सुरंग के रास्ते बहुत दूर निकल गये हैं, वो ‘असली पापी’ याद रखें जहां भूमिगत मार्ग ख़त्म होगा, उस अगले छोर पर ‘सत्य’ उनके पापों की सज़ा देने के लिए प्रतीक्षा कर रहा है। इन्हें न अयोध्या क्षमा करेगा, न देश, न वो परम प्रभु, जिसके ख़ज़ाने को इन्होंने बेरहमी, बेदर्दी और बेशर्मी से लूटा है।

चंपत राय के इस्तीफे के खिलाफ संत समाज
इधर चंपत राय के इस्तीफे के खिलाफ साधु-संतों ने मोर्चा खोल दिया है। अयोध्या संत मंडल ने एक प्रेस वार्ता कर ट्रस्ट से अपील की है कि वे चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार न करें। संतों का कहना है कि चंपत राय पूरी तरह निर्दोष और ईमानदार हैं, जिन लोगों ने एसआईटी से जांच की मांग की थी, वह खुद चंपत राय ही थे। संतों का मानना है कि चंपत राय के खिलाफ प्रसारित की जा रही बातें निराधार हैं और उन्हें बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है। हालांकि, ट्रस्ट ने अभी तक उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया है और आगामी बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चर्चा होगी।




