पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है. पठानकोट में आयोजित एक भव्य वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत 35.5 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता राशि ट्रांसफर की. इस नई किस्त के जुड़ने से अब इस कल्याणकारी योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 68.5 लाख से अधिक हो गई है.
तीन महीने की एक साथ मिली किस्त
समारोह को संबोधित करते हुए सीएम मान ने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को जुलाई, अगस्त और सितंबर यानी तीन महीने की संयुक्त किस्त एक साथ भेजी गई है. सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये (1,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से) मिले हैं, जबकि अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 4,500 रुपये (1,500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से) की राशि एकमुश्त प्राप्त हुई है. इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से विधवा, दिव्यांग या वृद्धावस्था पेंशन ले रही हैं, उन्हें भी इस सम्मान राशि का अलग से पूरा लाभ मिल रहा है.
बढ़ता जा रहा है लाभार्थियों का दायरा
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले सिर्फ सात दिनों के भीतर ही 5 लाख और महिलाओं ने इस योजना के लिए अपना पंजीकरण कराया है, जिससे कुल रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 73.5 लाख तक पहुंच गया है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी लगातार जारी है और जो महिलाएं अब फॉर्म भरेंगी, उन्हें भी 1 जुलाई, 2026 से देय राशि का पूरा लाभ मिलेगा. इसके लिए राज्य सरकार ने अपने बजट में 9,300 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया है.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना मुख्य उद्देश्य
अपने संबोधन के दौरान सीएम मान ने जनता से किया हर वादा पूरा करने की बात दोहराई. उन्होंने कहा कि यह महिलाओं का अपना वैध अधिकार है, और वे इस पैसे का इस्तेमाल अपनी पसंद से बच्चों के लिए खिलौने खरीदने, पढ़ाई की फीस भरने या किसी भी घरेलू जरूरत को पूरा करने के लिए कर सकती हैं. इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, डॉ. बलजीत कौर और लाल चंद कटारूचक समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे. सभी ने महिलाओं के आत्मसम्मान को बढ़ाने वाली इस अनूठी पहल की सराहना की और इसे समाज के विकास के लिए मील का पत्थर बताया.




