IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान’ नेता से मिलने वाली बात पर, बोलीं- आरोपों से नहीं डरूंगी

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IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान’ नेता से मिलने वाली बात पर, बोलीं- आरोपों से नहीं डरूंगी
IAS दिव्या मित्तल का बड़ा ऐलान’ नेता से मिलने वाली बात पर, बोलीं- आरोपों से नहीं डरूंगी

राजनीति में एंट्री या जाएँगी वापस विदेश? Ex-IAS दिव्या मित्तल ने अपनी नई पोस्ट से बढ़ाया सस्पेंस

आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होने का ऐलान करने वाली पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने खिलाफ लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा नेता और प्रवक्ता प्रशांत उमराव की ओर से राहुल गांधी से कथित मुलाकात के दावे को खारिज करते हुए इसे झूठा आरोप बताया। दिव्या मित्तल ने कहा कि सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और आरोपों के जरिए महिलाओं को डराने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन वह इससे डरने वाली नहीं हैं। दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि इस्तीफा देने के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर उनके बारे में एक कथित मुलाकात को लेकर दावा किया गया। उनके मुताबिक, एक राजनीतिक दल के प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि उन्होंने ‘रात के अंधेरे में’ दूसरी पार्टी के एक बड़े नेता से मुलाकात की थी। दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि आरोप लगाने वाले को भी कथित तौर पर इसकी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ ऐसा दावा किया गया। दिव्या मित्तल के मुताबिक, इसका मकसद एक ऐसी महिला को डराना था, जो सवाल पूछने और राजनीति में अपनी बात रखने के लिए आगे आई है।

FIR और ट्रोलिंग से डराने की कोशिश

दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति में आम लोगों और अच्छे लोगों की भागीदारी को रोकने के लिए कई तरह के दबाव बनाए जाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया ट्रोलिंग और FIR जैसे तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि वह इन चीजों से डरेंगी नहीं। उन्होंने कहा कि वह सवाल पूछती रहेंगी, ताकि देश की हर लड़की और महिला अपने मन की बात कह सके और उसे डर के माहौल में पीछे न हटना पड़े।

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किसी राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी दिव्या मित्तल

आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश में राजनीति करने का ऐलान किया है। हालांकि, उन्होंने साफ किया है कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल के साथ नहीं जुड़ेंगी। उनका कहना है कि वह आम लोगों के साथ मिलकर एक ऐसा मंच तैयार करना चाहती हैं, जो लोगों की आवाज उठाए और किसी राजनीतिक दबाव से प्रभावित न हो। दिव्या मित्तल ने कहा कि उनका उद्देश्य वंचित लोगों की आवाज बनना और राजनीति में बदलाव लाना है। उन्होंने ‘नेक इरादे की राजनीति’ की जरूरत बताते हुए कहा कि वह किसी पार्टी के झंडे के नीचे नहीं, बल्कि आम लोगों के साथ राजनीति करना चाहती हैं।

प्रशांत उमराव ने क्या दावा किया था?

दरअसल, दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद भाजपा नेता प्रशांत उमराव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनके इस्तीफे को लेकर सवाल उठाए थे। उमराव ने दावा किया था कि दिव्या मित्तल ने राहुल गांधी से कथित मुलाकात के बाद इस्तीफा दिया और इसे आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताया था। उमराव ने दिव्या मित्तल की कार्यशैली और उनके प्रशासनिक कार्यकाल को लेकर भी कई आरोप लगाए थे। इनमें संयुक्त सचिव पद से असंतुष्टि, फील्ड पोस्टिंग की इच्छा और सरकारी योजनाओं का श्रेय लेने जैसे दावे शामिल थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है।

अजय राय ने भी दिया था बयान

दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की चर्चा के बीच कांग्रेस नेता अजय राय से भी सवाल पूछा गया था कि अगर वह चुनाव लड़ती हैं तो क्या कांग्रेस उन्हें टिकट दे सकती है। इस पर अजय राय ने कहा था कि जो व्यक्ति समाज के लिए काम करना चाहता है और चुनाव लड़ना चाहता है, पार्टी उसके बारे में निश्चित तौर पर विचार कर सकती है। वहीं, राहुल गांधी से दिव्या मित्तल की मुलाकात के सवाल पर अजय राय ने कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

इस पूरे मामले में फिलहाल दिव्या मित्तल ने राहुल गांधी से कथित मुलाकात के दावे को खारिज कर दिया है और साफ किया है कि वह आरोपों और ट्रोलिंग से पीछे हटने वाली नहीं हैं।

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