
नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को INDIA ब्लॉक के प्रमुख दलों की अहम बैठक हुई। बैठक में विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में करीब 19 विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की ओर से कई मांगें सामने रखीं। इनमें SIR से पहले की मतदाता सूची को भविष्य के चुनावों में इस्तेमाल करने, मतदाता सूची में बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
‘एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य’ पर जोर
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक का मत समान महत्व रखता है। उन्होंने विपक्ष की ओर से यह रुख रखा कि “एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य” के सिद्धांत को कमजोर नहीं होने दिया जाना चाहिए। खड़गे ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या सुधारने से संबंधित जानकारी राजनीतिक दलों और जनता के लिए स्पष्ट रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।
विपक्ष की 6 प्रमुख मांगें – INDIA ब्लॉक की बैठक में सामने रखी गई प्रमुख मांगों में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित कई मुद्दे शामिल रहे।
- बैलेट पेपर से मतदान की मांग
विपक्षी गठबंधन ने EVM के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग रखी है। यह मांग चुनावी प्रक्रिया में भरोसा और पारदर्शिता से जुड़े विपक्ष के तर्कों का हिस्सा है।
- प्री-SIR मतदाता सूची का इस्तेमाल
विपक्ष की मांग है कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली मतदाता सूची को आधार बनाया जाए। गठबंधन ने SIR के बाद मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए हैं।
- मतदाता सूची में बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक हो
विपक्ष ने मांग की है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए। इसमें निर्वाचन क्षेत्र और बूथ स्तर पर हुए बदलावों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।
- नाम हटाने से पहले मतदाता को सूचना मिले
विपक्ष का कहना है कि किसी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाने से पहले उसे उचित सूचना दी जानी चाहिए। साथ ही नाम हटाने का कारण बताने और अपील का प्रभावी अवसर देने की मांग की गई है।
- पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित न हो
विपक्ष ने प्रशासनिक स्तर की खामियों, दस्तावेजों की कमी या जागरूकता के अभाव के कारण पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटने की आशंका पर भी चिंता जताई है। गठबंधन ने ऐसे मामलों में सुरक्षा और सुधार की व्यवस्था की मांग की है।
- चुनाव आयोग में संस्थागत जवाबदेही
INDIA ब्लॉक ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था पर सभी राजनीतिक दलों का भरोसा कायम रहना जरूरी है।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग और सरकार से जुड़े पक्षों ने विपक्ष की आलोचना को खारिज करते हुए कहा है कि SIR एक कानूनी प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अन्य अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है। आयोग से जुड़े पक्षों ने यह भी कहा है कि प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को सूची से बाहर करना नहीं है।
ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता बैठक में शामिल
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, जयराम रमेश और केसी वेणुगोपाल सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। तृणमूल कांग्रेस की ओर से ममता बनर्जी सहित अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बैठक में समाजवादी पार्टी, CPI, CPM, NCP-SP और शिवसेना (UBT) समेत कई दलों की भागीदारी रही।
विपक्ष की आगे की रणनीति पर भी चर्चा
बैठक का मुख्य फोकस चुनावी प्रक्रिया, SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तैयार करना रहा। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर आगे संयुक्त राजनीतिक कार्यक्रम चलाने पर भी चर्चा की। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में पारदर्शिता जरूरी है। वहीं चुनाव आयोग की ओर से SIR को कानूनी प्रक्रिया बताते हुए विपक्ष के कई आरोपों को खारिज किया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
INDIA ब्लॉक की इस बैठक से साफ है कि विपक्ष ने SIR, मतदाता सूची में बदलाव, EVM-बैलेट पेपर और चुनाव आयोग की जवाबदेही को अपने राजनीतिक अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। इस पूरे विवाद पर आगे चुनाव आयोग की कार्रवाई और विपक्ष के प्रस्तावित आंदोलनों पर नजर रहेगी।



