INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले सियासी हलचल, अखिलेश-उद्धव की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा

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INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले सियासी हलचल, अखिलेश-उद्धव की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा
INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले सियासी हलचल, अखिलेश-उद्धव की गैरमौजूदगी ने बढ़ाई चर्चा

नई दिल्ली: चुनाव आयोग और वोटर लिस्ट में होने वाली Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्षी दल एक बार फिर साझा रणनीति बनाने की तैयारी में हैं। बुधवार को दिल्ली में INDIA ब्लॉक के नेताओं की अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आगे की कार्रवाई समेत कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि बैठक से पहले ही विपक्षी खेमे में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस, TMC, RJD और अन्य दलों के कई प्रमुख नेता बैठक में पहुंच रहे हैं, लेकिन कुछ बड़े दलों और नेताओं की गैरमौजूदगी ने विपक्षी एकजुटता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव दिल्ली नहीं पहुंच रहे हैं, जबकि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे बैठक में ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी और DMK ने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।

अखिलेश यादव की गैरमौजूदगी की क्या वजह?

समाजवादी पार्टी की तरफ से अखिलेश यादव की अनुपस्थिति की वजह उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव की तैयारियों को बताया गया है। पार्टी के लिए नामांकन प्रक्रिया से जुड़ा काम इस समय अहम है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि उन्होंने अखिलेश यादव से बातचीत की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उनसे संपर्क किया था। वेणुगोपाल के मुताबिक, राज्यसभा चुनाव से जुड़े काम के कारण अखिलेश दिल्ली नहीं आ पाएंगे और सपा के दूसरे नेता बैठक में मौजूद रहेंगे। सपा की ओर से मोहिबुल्लाह नदवी और हरेंद्र मलिक के बैठक में शामिल होने की बात सामने आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में अखिलेश यादव के फैसले को केवल राज्यसभा चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन और सीटों के तालमेल को लेकर समय-समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं। कांग्रेस नेताओं की ओर से आए कुछ बयानों को लेकर सपा नेतृत्व की नाराजगी की चर्चाएं भी हैं। ऐसे में अखिलेश की गैरमौजूदगी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, उनकी अनुपस्थिति के पीछे आधिकारिक तौर पर राज्यसभा चुनाव का काम ही बताया गया है।

उद्धव ठाकरे भी दिल्ली में नहीं होंगे मौजूद

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे भी व्यक्तिगत रूप से दिल्ली नहीं पहुंचेंगे। वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक में अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे। महाराष्ट्र में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित राजनीतिक कार्यक्रम की तैयारियों को भी उद्धव के दिल्ली नहीं आने की वजहों में गिना जा रहा है। शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की पार्टी की ओर से चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। इसलिए उद्धव ठाकरे बैठक में मौजूद भले ही न हों, लेकिन वर्चुअल माध्यम से विपक्षी दलों की चर्चा में शामिल रहेंगे।

DMK ने साफ किया अपना रुख

तमिलनाडु की सत्तारूढ़ DMK ने भी INDIA ब्लॉक की बैठक से दूरी बनाए रखी है। DMK प्रवक्ता TKS एलंगोवन ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्ष का हिस्सा है और बीजेपी के खिलाफ उठाए जाने वाले मुद्दों पर दूसरे विपक्षी दलों के साथ खड़ी रहेगी। लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि DMK खुद को मौजूदा समय में INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं मानती। कांग्रेस और DMK के संबंधों में तमिलनाडु की राजनीति को लेकर पिछले कुछ समय में मतभेद सामने आए हैं। इसी वजह से DMK ने इससे पहले भी INDIA ब्लॉक की बैठकों में हिस्सा नहीं लिया था। हालांकि, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े प्रस्ताव पर DMK ने विपक्षी दलों के साथ समर्थन की बात कही है।

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AAP भी बैठक से बाहर

आम आदमी पार्टी भी बुधवार की बैठक में शामिल नहीं होगी। दिल्ली और पंजाब की राजनीति में कांग्रेस और AAP के बीच बढ़े मतभेदों का असर दोनों दलों के आपसी रिश्तों पर पड़ा है। दोनों पार्टियों ने 2024 का लोकसभा चुनाव दिल्ली, हरियाणा और गुजरात में मिलकर लड़ा था, लेकिन पंजाब में वे आमने-सामने थीं। इसके बाद विधानसभा चुनावों में भी दोनों दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरे। ऐसे में AAP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक दूरी का असर INDIA ब्लॉक की गतिविधियों पर भी दिखाई दे रहा है।

बैठक में किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

  • INDIA ब्लॉक की बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विपक्षी दलों की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
  • मुख्य तौर पर SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष अपनी आगे की रणनीति तय कर सकता है।
  • इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर संसद में प्रस्ताव लाने की संभावित रणनीति पर भी बातचीत हो सकती है।
  • विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में आवश्यक समर्थन जुटाने और आगे की कार्रवाई को लेकर भी विचार-विमर्श किया जा सकता है।

क्या विपक्षी दलों के बीच मुद्दे पर बनेगी सहमति?

बैठक से पहले भले ही कई प्रमुख नेता और दल अलग-अलग कारणों से दिल्ली में मौजूद नहीं रहेंगे, लेकिन चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों के बीच सहयोग की तस्वीर अलग नजर आ रही है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियां चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाती रही हैं। अब देखना यह होगा कि बुधवार की बैठक के बाद विपक्ष कोई साझा आंदोलन या संयुक्त कार्यक्रम घोषित करता है या नहीं। INDIA ब्लॉक की पिछली बैठक में भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त रुख अपनाने पर चर्चा हुई थी। इस बार SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई बैठक का प्रमुख केंद्र बन सकती है।

INDIA ब्लॉक की बैठक में किसकी मौजूदगी, किसकी दूरी?

कांग्रेस: बैठक में प्रमुख भूमिका

  • TMC: ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की भागीदारी
  • RJD: तेजस्वी यादव की मौजूदगी
  • SP: अखिलेश यादव अनुपस्थित, प्रतिनिधि शामिल
  • शिवसेना (UBT): उद्धव ठाकरे वर्चुअली जुड़ेंगे
  • DMK: बैठक से दूरी
  • AAP: बैठक में शामिल नहीं

अब सभी की नजर इस बात पर है कि बैठक के बाद विपक्षी दल चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर किस तरह की साझा रणनीति सामने रखते हैं।

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