सिद्धारमैया ने सीएम पद से दिया इस्तीफा।राज्यसभा भी नहीं जाएंगें सिद्धारमैया।

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कर्नाटक की राजनीति में गुरुवार का दिन महत्वपूर्ण साबित हुआ। सिद्धारमैया मे ब्रेकफास्ट मीटिंग में इस्तीफे का ऐलान किया और तय समय के अनुसार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफा देने की बाद सार्वजनीक की।राज्यपाल के राज्य में नहीं होने के चलते उन्होंने लोकभवन में राज्यपाल के सचिव को इस्तीफा सौंपा।सुबह ही सिद्धारमैया ने अपनी कैबिनेट के सभी मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग पर बुलाया था। सिद्धारमैया ने इस मीटिंग में अपने कैबिनेट सहयोगियों को धन्यवाद दिया और अपने तीन साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी रखा।

आलाकमान ने जो कहा, मैंने किया – सिद्धारमैया

फिलहाल कर्नाटक के राज्यपाल राज्य में मौजूद नहीं है।इस्तीफा देते समय सिद्धारमैया ने कहा – मुझे विश्वास है कि राज्यपाल वापस लौटने के बाद इस्तीफा स्वीकार करेंगे।दरअसल कानून के मुताबिक सीएम के इस्तीफे को राज्यपाल को स्वीकार करना होता है और नए मुख्यमंत्री के लिए रास्ता बनाना उनकी जिम्मेदारी है। सिद्धारमैया इस्तीफा देने के साथ ही डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रख चुके है।सरकार के बहुमत पर बोलते सिद्धा ने कहा – हमारी पार्टी के पास 136 विधायक हैं और 2 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन है यानि हमारे पास पूर्ण बहुमत है। उन्होंने कहा – मैंने लोकभवन में सीएम पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राज्यपाल फिलहाल यहां मौजूद नहीं हैं। मुझे बताया गया है कि वे आज रात वापस लौटेंगे, मैंने इस्तीफे का पत्र राज्यपाल के सचिव को सौंप दिया है।

राज्यसभा का ऑफर भी ठुकराया

इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने ये भी साफ कर दिया कि उन्होंने राज्यसभा जाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा – मैं कर्नाटक की राजनीति में ही सक्रिय रहूंगा। राष्ट्रीय राजनीति में मेरी कोई रुचि नहीं है। इसी के साथ ही उन्होने पार्टी के अंदर किसी भी तरह के मतभेद या अंतरकलह की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि कर्नाटक कांग्रेस एक परिवार की तरह एकजुट रहेगी। उन्होंने कहा – मैं हमेशा मानता रहा हूं कि हमें एक परिवार की तरह साथ रहना चाहिए।चर्चाएं इस बात की पहले चल रही थी सिद्धारमैया राज्यसभा नहीं जाना चाहतें यानि अब राज्य की राजनीति में ही कांग्रेस उनके अनुभव का उपयोग कर सकती है, हालांकि जानकारी ये भी है की कैबिनेट में फेरबदल के समय महत्वपूर्ण विभागों को सिद्धारमैया या उनके समर्थकों की झोली में डाला जा सकता है।

सिद्धारमैया का हुआ फेयरवेल ब्रेकफास्ट

कर्नाटक की राजनीति में ब्रेकफास्ट और लंच मीटिंग हमेशा से अहम रही हैं। राजनीति के बड़े-बड़े फैसले अक्सर ब्रेकफास्ट मीटिंग में हो जाते हैं। इस्तीफे का ऐलान भी आज ब्रेकफास्ट मीटिंग में ही मुख्यमंत्री ने किया था। सिद्धारमैया के आवास पर आयोजित इस बैठक में कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहे। एयरपोर्ट से सीधे डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया से मिलने पहुंचे।ब्रेकफास्ट मीटिंग से सामने आई तस्वीरों ने सभी का ध्यान खींच लिया। डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच भावुक पल देखने को मिले। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया और एकजुटता का संदेश दिया। इसी बीच डीके शिवकुमार ने सिद्धारमैया के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया।

कल शाम 5 बजे कांग्रेस विधायक दल की बैठक

सिद्धारमैया ने शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव बैकफास्ट मीटिंग में ही रख दिया, हालांकि शिवकुमार के नाम पर विधायक दल की मोहर लगनी बाकी है। कल यानी 29 मई की शाम 5 बजे बेंगलुरु के एक होटल में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। जानकारी के मुताबिक सीएम सिद्धारमैया इस्तीफा देने के बाद आज दिल्ली जाएंगे। ब्रेकफास्ट मीटिंग में सिद्धारमैया भावुक नजर आए थे।

कर्नाटक सरकार में लंबे समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर हलचल चल रही थी। सिद्धारमैया के ढाई साल पूरे होते ही डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की मांग उनके समर्थकों ने तेज कर दी थी। नवंबर 2025 में भी इसी तरह की खींचतान देखने को मिली थी, लेकिन तब हाईकमान ने मामला संभाल लिया था। इसी वजह से 20 मई को सरकार ने अपने तीन साल पूरे कर लिए।अब डीके शिवकुमार ने फिर से ढाई साल वाले फॉर्मूले की याद दिलाई है। माना जा रहा है कि पार्टी हाईकमान ने सत्ता में संतुलन बनाए रखने के लिए बदलाव का फैसला किया है। ऐसे में अब तस्वीरें काफी हद तक साफ होती नजर आ रही हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर देश की नजरें टिकी हुई हैं और सभी को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफा सौंपने का इंतजार है।

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