अमेरिका-ईरान के बीच कल ही फ्रांस में पीस डील साइन हुई थी, जिसके बाद ट्रंप ने चिल्ला-चिल्लाकर बताया था कि समझौता हो गया।दोनों देशों ने तय किया था कि 19 जून से डील की शर्तों को लेकर बातचीत करेंगे, जिसके लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को जिनेवा जाना था लेकिन अब यह यात्रा रद्द कर दी गई है।यानि दुसरे दौर की वार्ता तक भी डील नहीं पहुंच पाई।रिपोर्ट के मुताबिक यात्रा रद्द होने के कारण लेबनान पर इजरायल का हमला है।दरअसल शांति समझौते में सभी मोर्चों पर लड़ाई खत्म करने की बात कही गई थी। इसमें लेबनान में जारी जंग भी शामिल है। लेकिन इजराइल के लेबनाना पर लागातार हमले आगे की वार्ता में रुकावट पैदा कर रहे हैं।

इजरायल के हमले से ईरान नाराज
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा के बावजूद, इजरायल ने लेबनान पर अपने हवाई हमले जारी रखे हैं। दक्षिणी लेबनान के नबातीह, काफर तेबनित और जाबाडिन जैसे इलाकों को निशाना बनाकर किए गए हमलों में कई लोगों की जान चली गई है।हमलों के जवाब में हिज़्बुल्लाह ने भी दक्षिणी लेबनान से इजरायली सैनिकों और सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और एंटी-टैंक मिसाइलों से हमले किए हैं।इन हालिया हवाई हमलों से ईरान बेहद नाराज है, जिसके कारण अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में होने वाली ऐतिहासिक शांति वार्ता ऐन वक्त पर रद्द कर दी गई।ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक लेबनान में इजरायली हमले पूरी तरह नहीं रुकेंगे, तब तक वह अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत को आगे नहीं बढ़ाएगा।

ईरान से डील होते ही अलग-अलग हुए ट्रंप-नेतन्याहू
पीस डील को लेकर नेतन्याहू सरकार को उम्मीद थी कि अमेरिका किसी भी समझौते से पहले उनकी राय जरूर लेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।जिसे इजरायली मीडिया ने “कूटनीतिक झटका” बताया था। नेतन्याहू शासन को ये भी लगा कि अमेरिका ने उसकी सुरक्षा चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया है।दरअसल युद्ध की शुरुआत में ट्रंप और नेतन्याहू के लक्ष्य लगभग एक जैसे थे, दोनों ईरान की क्षेत्रीय ताकत को कमजोर करना चाहते थे।लेकिन जैसे-जैसे जंग लंबी खिंचने लगी, ट्रंप की प्राथमिकताएं बदल गई।अमेरिका में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा था। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव की वजह से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो रहे थे। दूसरी तरफ अमेरिकी मतदाता भी एक और लंबे विदेशी युद्ध के पक्ष में नहीं थे।जिसके कारण ट्रंप ने इजरायल को दरकिनार कर ईरान से शांति समझौता कर लिया।

पीस डील के बाद भारत का पहला LNG टैंकर होर्मुज से निकला
अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील साइन होने के बाद भारत का पहला LNG टैंकर ‘दिशा’ होर्मुज स्ट्रेट को सफलता से पार कर चुका है। यह टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के भरूच जिले स्थित दहेज बंदरगाह पहुंचा।’दिशा’ के दहेज पहुंचने को होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही सामान्य होने का एक संकेत माना जा रहा है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो भारत के लिए LNG की सप्लाई बनी रहने और ऊर्जा जरूरतें पूरी करने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद है।




