माया नगरी में भारत की पहली ‘म्यूजिकल’ रोड का एक महीने ही पहले ही उद्घाटन हुआ.पहले तो लोगों को लगा कि वो विकास में तेजी से आगे बढ़ रहे है ,लेकिन अब वही विकास उनके गले की फंस बन चुका है..बताया जा रहा है कि रोड से निकलने वाले संगीत ने आसपास रिहायशी इलाकों में रहने वाले 650 से अधिक परिवारों को परेशान किया हुआ है. परिवारों ने बीएमसी से इसकी शिकायत की है.

मुंबई की पॉश ब्रीच कैंडी इलाके में भारत की पहली म्यूजिकल रोड का उद्घाटन कुछ ही महीने पहले हुआ था, लेकिन अब यह सड़क चर्चा में नहीं अपने जादुई संगीत के लिए, बल्कि अपने शोर और विवादों के लिए आ गई है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 11 फरवरी को सड़क का उद्घाटन किया था। इस परियोजना का उद्देश्य था ड्राइवरों को एक नया अनुभव देना, जहां गाड़ी की गति और सड़क पर बने खांचे (grooves) के जरिए एआर रहमान के गीत ‘जय हो’ की धुन सुनाई देती है।सड़क तकनीकी रूप से अद्भुत है। वाहन जब निर्धारित गति से चलते हैं, तो सड़क के खांचों से संगीत निकलता है, और यह अनुभव ड्राइवरों के लिए आकर्षक है। सड़क के सुरंग के अंदर 500 मीटर, 100 मीटर और 60 मीटर पहले साइन बोर्ड लगाए गए हैं ताकि चालक म्यूजिकल रोड और सही गति के लिए सतर्क रह सकें। यह सड़क विश्व स्तर पर अपनी तरह की पांचवीं और भारत में पहली सड़क मानी जाती है।
विवाद की शुरुआत
हालांकि सड़क का उद्देश्य आकर्षक और मनोरंजक था, लेकिन आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह जघन्य अनुभव बन गया है। पॉश ब्रीच कैंडी इलाके में रहने वाले 650 से अधिक परिवारों ने शिकायत दर्ज कराई है कि सड़क से निकलने वाला संगीत सुबह 6 बजे से लेकर आधी रात तक तेज आवाज में बजता रहता है। इससे उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई है।निवासियों का कहना है कि खिड़की बंद करने के बावजूद आवाज घर के अंदर तक पहुँचती है। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका प्रभाव सबसे अधिक है। लोग बताते हैं कि रात के समय जब शहर में सामान्य शांति रहती है, उस दौरान संगीत और भी तेज़ महसूस होता है।एक निवासी ने कहा, “सड़क ने हमारे जीवन में हलचल मचा दी है। हम सुबह उठते हैं तो संगीत सुनते हैं, रात को सोने जाते हैं तो संगीत बंद नहीं होता। यह किसी सार्वजनिक आवश्यकता को पूरा नहीं कर रहा बल्कि हमारी शांति छीन रहा है।”
नगर निगम की प्रतिक्रिया
निवासियों की शिकायतों के बाद भूषण गगरानी को पत्र लिखा गया। पत्र में निवासियों ने ध्वनि प्रदूषण के कारण जीवन पर पड़ रहे प्रभाव को विस्तार से बताया।बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने पास के आवासीय भवनों में शोर के डेसिबल स्तर की जांच करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, तकनीकी सलाहकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सड़क के उद्देश्य को बनाए रखते हुए शोर को कम करने के उपाय सुझाएँ।अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सड़क के नवाचार और तकनीकी अनुभव को बनाए रखा जाए, लेकिन इसके साथ ही स्थानीय निवासियों की शांति और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।
तकनीकी और सामाजिक टकराव
इस विवाद का मुख्य कारण है टेक्नोलॉजी और समाज के बीच टकराव। सड़क का डिज़ाइन नवाचार और मनोरंजन पर केंद्रित है, जबकि आसपास के निवासियों की जरूरतें और मानसिक शांति पर कम ध्यान दिया गया।विशेषज्ञों का कहना है कि म्यूजिकल रोड जैसी तकनीकें तब तक प्रभावी और संतुलित रहती हैं जब इन्हें आवासीय इलाकों से दूर रखा जाए। जबकि इस सड़क की स्थिति में यह सीधे घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजर रही है, जिससे ध्वनि और भी तीव्र हो जाती है।



