क्या GOLD में 7 महीने में 28.56% की बड़ी तेजी आएगी?

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क्या सोना और चांदी सुपर-साइकिल में प्रवेश कर चुके हैं?

दुनिया के वित्तीय बाजारों में इस समय एक असाधारण बदलाव देखने को मिल रहा है। सोना और चांदी, जिन्हें लंबे समय से सुरक्षित निवेश (Safe Haven) माना जाता रहा है, अब केवल संकट के समय चमकने वाली धातुएं नहीं रह गई हैं, बल्कि एक बड़े और लंबे बुल मार्केट में प्रवेश करती दिखाई दे रही हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी ऐसे समय में आ रही है जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, अप्रैल में 1.15 लाख नई नौकरियाँ जुड़ीं और बेरोजगारी दर 4.3% पर स्थिर रही, जो सामान्यतः सोने के लिए दबाव का संकेत होता है, लेकिन इस बार बाजार ने पुराने नियमों को पीछे छोड़ दिया है।

पारंपरिक रूप से मजबूत अर्थव्यवस्था का मतलब होता है उच्च ब्याज दरें, मजबूत डॉलर और कमजोर सोना, लेकिन वर्तमान स्थिति में सोना और चांदी दोनों तेजी से ऊपर जा रहे हैं और डॉलर के साथ उनका पुराना संबंध कमजोर पड़ता दिख रहा है। विशेषज्ञ इसे “Paradigm Shift” यानी बाजार के व्यवहार में मूलभूत बदलाव मान रहे हैं, जहाँ अब कीमतें केवल ब्याज दरों या आर्थिक आंकड़ों से नहीं बल्कि वैश्विक धारणा और निवेशक भावना से संचालित हो रही हैं।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार Elliott Wave Theory में बाजार 5 चरणों में ऊपर जाता है और अब संकेत मिल रहे हैं कि सोना अपने नए साइकल में Wave 3 की ओर बढ़ रहा है, जिसे सबसे शक्तिशाली चरण माना जाता है। पिछले रुझानों में

पहली रैली लगभग $900,

दूसरी $1,286

और तीसरी $1,700

से अधिक रही, जिससे साफ है कि हर नई रैली और तेज तथा कम समय में पूरी हो रही है, जो बढ़ते momentum का संकेत है।

हाल ही में $4600 से $4100 तक की गिरावट को विशेषज्ञ कमजोरी नहीं बल्कि “Blow-off Top Correction” मानते हैं, जो नए मजबूत अपट्रेंड के लिए आधार तैयार करता है। तकनीकी रूप से यदि अगली Wave मजबूत रहती है तो $5200 और आगे चलकर $6000 प्रति औंस का स्तर भी असंभव नहीं माना जा रहा।

भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने की मजबूती यह संकेत देती है कि यह अब केवल संकट का धातु नहीं बल्कि एक structural asset बनता जा रहा है। वहीं डॉलर और सोने का पारंपरिक उल्टा संबंध भी कमजोर पड़ रहा है और दोनों कभी-कभी एक साथ भी चलते दिख रहे हैं, जो बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।

चांदी इस पूरे ट्रेंड में और भी तेज प्रदर्शन कर रही है, जहाँ तेजी में यह सोने से आगे निकल रही है, हालांकि गिरावट में अधिक अस्थिर भी रहती है। यदि यह $83 के ऊपर टिकती है तो $90 तक का लक्ष्य संभव माना जा रहा है। साथ ही गोल्ड माइनिंग शेयरों में तेजी इस बुल मार्केट को और मजबूत संकेत दे रही है क्योंकि सोने की कीमत बढ़ने से कंपनियों का मुनाफा सीधे बढ़ता है।

कुल मिलाकर बाजार में कुछ प्रमुख संकेत दिख रहे हैं जैसे सोने का आर्थिक आंकड़ों से अलग व्यवहार करना, तेज और बड़ी रैलियाँ, गहरी गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी, डॉलर के साथ बदलता संबंध और माइनिंग सेक्टर की पुष्टि, जो मिलकर एक संभावित सुपर-साइकिल की ओर इशारा करते हैं।

निष्कर्ष यह है कि सोना और चांदी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक मोड़ पर हैं और यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है तो आने वाले महीनों में सोना $5200 से $6000 तक और चांदी नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुँच सकती है, हालांकि इस दौरान जोखिम भी बना रहेगा इसलिए निवेश में सतर्कता और रणनीति बेहद जरूरी है।

Written By: Utpal Chowdhary

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