इंसानियत शर्मसार: कर्नाटक में पति ने पत्नी को कार से कुचला, मूकदर्शक बनी भीड़ बनाती रही वीडियो

मंदिर दर्शन के लिए निकले एक दंपत्ति के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पति ने न केवल अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला किया, बल्कि सड़क पर तड़पती महिला पर बेरहमी से कार चढ़ाकर उसकी जान ले ली.

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बेंगलुरु/बारामती | आस्था और श्रद्धा के साथ शुरू हुई एक तीर्थयात्रा का अंत एक ऐसी खौफनाक वारदात के साथ हुआ, जिसने समाज की संवेदनाओं पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है. पुणे के बारामती से कर्नाटक मंदिर दर्शन के लिए निकले एक दंपत्ति के बीच उपजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें पति ने न केवल अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला किया, बल्कि सड़क पर तड़पती महिला पर बेरहमी से कार चढ़ाकर उसकी जान ले ली.

विवाद के बाद हैवानियत की हदें पार

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बारामती निवासी दंपत्ति कर्नाटक के एक प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे. सफर के दौरान दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी पति ने अपना आपा खो दिया और सड़क किनारे गाड़ी रोककर पत्नी पर जानलेवा हमला कर दिया. आरोपी ने पहले धारदार हथियार से वार किए और जब गंभीर रूप से घायल महिला सड़क पर गिरकर तड़पने लगी, तब आरोपी ने उन पर कार चढ़ा दी.

मदद के बजाय वीडियो बनाने में मशगूल रही भीड़

इस घटना का सबसे विचलित करने वाला पहलू वहां मौजूद भीड़ का रवैया रहा. जिस समय महिला लहूलुहान अवस्था में लोगों से अपनी जान बचाने की गुहार लगा रही थी, उस समय वहां मौजूद दर्जनों लोग मदद के लिए आगे आने के बजाय मोबाइल फोन से वीडियो बनाने में व्यस्त थे. घटना का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो समाज की बढ़ती संवेदनहीनता को उजागर करता है.

कानूनी कार्रवाई और जांच के बिंदु

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. जांच अधिकारी इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या यह हत्या पूर्व-नियोजित थी या अचानक उपजे आवेश का परिणाम. पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या आरोपी की कोई पुरानी आपराधिक पृष्ठभूमि या मानसिक अस्थिरता रही है. घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा बनाया गया वीडियो अब पुलिस के लिए मुख्य साक्ष्य बन गया है.

विशेषज्ञों की राय और सामाजिक सरोकार

कानूनी विशेषज्ञों ने इस घटना के संदर्भ में ‘गुड समैरिटन’ (नेक मददगार) कानून की याद दिलाई है, जो घायलों की मदद करने वालों को कानूनी झमेलों से सुरक्षा प्रदान करता है. वहीं, समाजशास्त्रियों का मानना है कि घरेलू हिंसा को निजी मामला मानकर नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति ऐसी घातक घटनाओं को जन्म दे रही है। NCRB के आंकड़ों के अनुसार घरेलू हिंसा के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है. पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि लोग संवेदनशील बनें और किसी भी हादसे या अपराध की स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय पीड़ित की जान बचाने को प्राथमिकता दें. फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की गहन जांच जारी है.

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