Brett Lee in Dubai: जिस गेंदबाज़ की रफ़्तार के सामने दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाज़ों के पैर कांपते थे, वही ‘रफ़्तार का सौदागर’ अब समंदर की लहरों के बीच सुकुन तलाश रहा है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ब्रेट ली (Brett Lee) ने अब दुबई को अपना पक्का ठिकाना बना लिया है। उन्होंने मशहूर बिल्डर ‘Danube Properties’ के एक बेहद शानदार प्रोजेक्ट ‘Breez’ में अपना नया आशियाना खरीदा है।
सिडनी की गलियाँ छोड़ीं, पर यादें और रफ़्तार साथ लाए
ब्रेट ली का नाम ज़हन में आते ही वो 150-160 की रफ़्तार वाली गेंदें और उनका वो मुस्कुराता हुआ चेहरा याद आता है। लेकिन अब ब्रेट ली अपनी ज़िंदगी की एक नई पारी शुरू कर रहे हैं। उन्होंने सिडनी के अपने पुराने ठिकाने से दूर दुबई की चकाचौंध को अपना घर चुना है। ब्रेट ली कहते हैं, “एक खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा ऐसी जगह की तलाश में रहता था जहाँ मेरा परिवार सुरक्षित महसूस करे और ज़िंदगी में वो ‘क्लास’ हो। जब मैंने ‘Breez’ देखा, तो लगा जैसे यहीं तो रुकना था। यहाँ समंदर का जो नज़ारा है, वो सुकून देता है।”
समंदर किनारे वाला घर और वो ‘एक परसेंट’ वाली बात
ब्रेट ली का यह नया घर कोई मामूली मकान नहीं है, बल्कि ‘दुबई मैरीटाइम सिटी’ में बना एक ऐसा महल है जहाँ से समंदर की लहरें आपके कदम चूमती हैं। इस घर की सबसे बड़ी खूबी इसका ‘1% पेमेंट प्लान’ है, जिसने ब्रेट ली जैसे दिग्गज का काम भी आसान कर दिया। ब्रेट ली बताते हैं कि उन्हें यहाँ की साफ़-सफ़ाई, भरोसा और ‘Danube’ की साख ने बहुत प्रभावित किया। इस आलीशान घर में इन्फिनिटी पूल से लेकर जिम तक, वो सब कुछ है जिसकी एक स्पोर्ट्समैन कल्पना करता है।
रिज़वान साजन और ब्रेट ली की ‘जुगलबंदी’
Danube के मालिक रिज़वान साजन भी ब्रेट ली के पड़ोसी बनने से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि ब्रेट ली सिर्फ उनके ब्रांड एंबेसडर नहीं, बल्कि अब परिवार का हिस्सा हैं। दुबई अब उन लोगों का अड्डा बन चुका है जो मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना चाहते हैं और एक बेहतरीन लाइफस्टाइल जीना चाहते हैं। ब्रेट ली का यहाँ आना इस बात पर मुहर लगाता है कि दुबई की ज़मीन पर अब सिर्फ रफ़्तार नहीं, बल्कि भरोसा भी दौड़ रहा है।
सितारों की पसंद बनता समंदर किनारे का शहर
ब्रेट ली का अपना घर छोड़ दुबई बसना सिर्फ एक डील नहीं है, बल्कि यह एक सुकून की तलाश है। एक क्रिकेटर जो अपनी पूरी ज़िंदगी मैदान की गहमागहमी में रहा, अब वो अपने बच्चों के साथ समंदर की लहरें देखते हुए सुबह की चाय पीना चाहता है। यह बदलाव हमें सिखाता है कि कामयाबी के शिखर पर पहुँचने के बाद हर कोई एक ऐसी जगह चाहता है जिसे वो ‘अपना घर’ कह सके।




