BRICS Summit: पीएम मोदी ने पुतिन को दी ‘तिरुक्कुरल’, जानें ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बड़ी बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित कालजयी रचना तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण सौंपा.पीएम मोदी ने बताया कि लगभग 2,000 वर्ष पुराने इस ग्रन्थ में संत तिरुवल्लुवर ने मानव जीवन, नीति, करुणा और आचरण के गहरे सिद्धांतों को पिरोया है.

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नई दिल्ली: भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन का औपचारिक आगाज नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में बेहद खास अंदाज में हुआ. सम्मेलन की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को और गहरा करने के लिए राष्ट्रपति पुतिन को तमिल साहित्य के महान ग्रन्थ तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में हुआ अनुवाद उपहार स्वरूप भेंट किया.इसके बाद ब्रिक्स बिज़नेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने समूह के विस्तार, आर्थिक ताकत और वैश्विक व्यापारिक सुरक्षा पर भारत का दृष्टिकोण पूरी दुनिया के सामने रखा.

भारत-रूस के सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा

भारत मंडपम में हुई मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा रचित कालजयी रचना तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण सौंपा.पीएम मोदी ने बताया कि लगभग 2,000 वर्ष पुराने इस ग्रन्थ में संत तिरुवल्लुवर ने मानव जीवन, नीति, करुणा और आचरण के गहरे सिद्धांतों को पिरोया है. 133 अध्यायों और 1,330 दोहों वाला यह ग्रन्थ जीवन जीने की बेहतरीन गाइड है. तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद दोनों देशों के बीच जन-संपर्क को मजबूत करेगा. गौरतलब है कि 19वीं सदी में रूस के महान लेखक लियो टॉल्स्टॉय भी इसके विचारों से काफी प्रभावित रहे थे.

वैश्विक GDP में 40% की हिस्सेदारी

ब्रिक्स बिज़नेस फोरम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में महज 4 देशों से शुरू हुआ यह मंच आज 21 देशों (सदस्य और भागीदार देश) का एक विशाल परिवार बन चुका है. पीएम मोदी ने ब्रिक्स की बढ़ती आर्थिक क्षमता के मुख्य आंकड़े साझा किए. पीएम के मुताबिक यह समूह आज दुनिया की 50% आबादी, वैश्विक GDP के 40% हिस्से और 25% से अधिक अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है. बीते दो दशकों में जहां वैश्विक GDP लगभग 1.5 गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था करीब 4.5 गुना तेजी से मजबूत हुई है.

फ्री ट्रेड, समुद्री सुरक्षा और महिला उद्यमिता पर जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता और नीतियों को रेखांकित किया. पीएम मोदी ने वैश्विक व्यापार को निर्बाध रखने के लिए नेविगेशन की स्वतंत्रता, सुरक्षित सप्लाई चेन और नाविकों (Seafarers) की सुरक्षा को बेहद जरूरी बताया. दुनिया भर में बढ़ते व्यापारिक प्रतिबंधों के बीच भारत आर्थिक पुल बनाने का काम कर रहा है. 2014 के बाद से भारत ने 40 से अधिक देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं. पीएम ने ब्रिक्स विमेन्स बिजनेस अलायंस की सराहना करते हुए कहा कि विकास यात्रा की कमान महिला उद्यमियों के हाथों में होना हमारे विजन का प्रमुख हिस्सा है.

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