पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान तेज, 12 जिलों में जागरूकता के लिए 1 करोड़ रुपये की मंजूरी

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चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 1 करोड़ रुपये की टोकन ग्रांट मंजूर की है। इस राशि का इस्तेमाल राज्य के 12 जिलों में नशा विरोधी जागरूकता और रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इस पहल का उद्देश्य खास तौर पर युवाओं को नशे से दूर रखना और समुदाय की भागीदारी बढ़ाना है। सरकार की ओर से मंजूर कुल राशि में से 85 लाख रुपये जिला स्तर पर जागरूकता एवं रोकथाम गतिविधियों के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, 15 लाख रुपये का इस्तेमाल श्री मुक्तसर साहिब जिले के मलोट में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम के लिए किया जाएगा।

युवाओं को नशे से दूर रखने पर जोर

पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि सरकार नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता, रोकथाम, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी को साथ लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना और पंजाब को स्वस्थ एवं सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी अभियान के तहत स्कूलों में भी जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने 12 जिलों में शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें 21,850 से अधिक शिक्षकों को छात्रों में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और नशे के शुरुआती संकेतों की पहचान करने के लिए प्रशिक्षित किया जाना है।

‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान में कई स्तरों पर पहल

सरकार का ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ अभियान केवल नशे की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित नहीं है। इसमें स्कूलों में जागरूकता, युवाओं की भागीदारी, सामुदायिक निगरानी और नशे की लत से प्रभावित लोगों के उपचार एवं पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है। सितंबर 2026 तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 से सितंबर 2026 के बीच पंजाब की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 61,824 एफआईआर दर्ज कर 81,433 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान बड़ी मात्रा में हेरोइन, अफीम, पोस्त की भूसी, गांजा और नशीली गोलियां भी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

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