पंजाब में 14 हजार से ज्यादा मरीजों को मिला कैशलेस सांस संबंधी उपचार, सरकार ने खर्च किए 37.30 करोड़ रुपये।

0
5

पंजाब की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 8 जनवरी से 21 जुलाई 2026 के बीच फेफड़ों की पुरानी बीमारियों, थोरेसिक सर्जरी और अन्य सांस संबंधी उपचार के 14,032 मामले दर्ज किए गए। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी ,आंकड़ों के अनुसार, इन उपचारों पर ₹37.30 करोड़ की कैशलेस राशि का भुगतान किया गया। इनमें 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 5,559 और 60 वर्ष से अधिक उम्र के 5,659 मरीज शामिल हैं, यानी इन दोनों आयु वर्गों की कुल हिस्सेदारी 80 प्रतिशत से अधिक रही। इसके अलावा 2,522 युवा वयस्कों और 292 बच्चों ने भी योजना के तहत उपचार का लाभ लिया।

लिंग के आधार पर 8,345 पुरुषों के इलाज पर ₹22.79 करोड़ और 5,684 महिलाओं के उपचार पर ₹14.50 करोड़ खर्च किए गए, जबकि तीन अन्य लाभार्थियों ने भी योजना का लाभ लिया। मासिक आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में 1,332 उपचार मामलों से शुरू होकर अप्रैल में यह संख्या बढ़कर 2,509 हो गई, जो रिपोर्टिंग अवधि में सबसे ज्यादा रही। जून में 2,004 मामले दर्ज किए गए, जबकि उपचार पर ₹6.73 करोड़ खर्च हुए, जो इस अवधि में सबसे अधिक था। आंकड़े यह भी बताते हैं कि योजना के तहत सांस संबंधी गंभीर और महंगे उपचार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि लगातार रहने वाली खांसी या सांस फूलने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि फेफड़ों की पुरानी बीमारियां धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती हैं। उन्होंने धूम्रपान करने वालों, औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और धूल-प्रदूषण के संपर्क में रहने वाले लोगों से लगातार लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की। उन्होंने तंबाकू से दूर रहने, प्रदूषण से बचाव, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपाय अपनाने और नियमित स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया, ताकि बीमारी की समय पर पहचान और उपचार हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here