पाकिस्तान में हिंसा: फायरिंग में एक की मौत, PPP ने PML-N पर लगाया हत्या का आरोप

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पाकिस्तान में हिंसा: फायरिंग में एक की मौत, PPP ने PML-N पर लगाया हत्या का आरोप
पाकिस्तान में हिंसा: फायरिंग में एक की मौत, PPP ने PML-N पर लगाया हत्या का आरोप

PoK चुनाव के पहले चरण में हुई हिंसा ने सियासी विवाद बढ़ा दिया है. फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत के बाद PPP ने PML-N को निशाने पर लिया, जबकि बिलावल भुट्टो ने चुनाव आयोग से जवाब मांगा है

इस्लामाबाद/मुजफ्फराबाद: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हिंसा और विवादों के बीच संपन्न हुआ। मतदान के दौरान कई पोलिंग स्टेशनों पर झड़प, फायरिंग और धांधली के आरोप सामने आए। सबसे गंभीर घटना में अंधाधुंध फायरिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पाकिस्तान की प्रमुख विपक्षी पार्टी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) पर अपने कार्यकर्ता की हत्या का आरोप लगाया है।

PPP का आरोप- PML-N समर्थकों की फायरिंग में हुई कार्यकर्ता की मौत

PPP ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि उसके कार्यकर्ता मुख्तार यूनुस की मौत PML-N उम्मीदवारों के समर्थकों द्वारा की गई फायरिंग में हुई। पार्टी का दावा है कि इस घटना में उसके दो अन्य कार्यकर्ता भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। PPP ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया और प्रशासन निष्पक्ष माहौल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल रहा।

बिलावल भुट्टो ने चुनाव आयोग और प्रशासन पर उठाए सवाल

घटना के बाद PPP अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने सोशल मीडिया पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था क्यों नाकाम रही और संबंधित अधिकारी हिंसा रोकने में असफल क्यों रहे। बिलावल ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभाने में चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

कई सीटों पर धांधली और झड़प के आरोप

स्थानीय मीडिया और समाचार एजेंसियों के अनुसार, चुनाव के दौरान केवल फायरिंग ही नहीं बल्कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में धांधली, बूथ कब्जाने और मतदान प्रभावित करने के आरोप भी लगे। PPP और PML-N दोनों ने एक-दूसरे पर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कुछ मतदान केंद्रों पर समर्थकों के बीच कहासुनी और झड़प के कारण मतदान प्रक्रिया कुछ समय के लिए बाधित भी हुई।

तीन चरणों में हो रहे हैं PoK विधानसभा चुनाव

PoK विधानसभा के चुनाव 27 जुलाई से 10 अगस्त तक तीन चरणों में कराए जा रहे हैं। 53 सदस्यीय विधानसभा में 45 सीटों पर प्रत्यक्ष चुनाव हो रहा है, जबकि 8 सीटें महिलाओं, तकनीकी विशेषज्ञों और धार्मिक प्रतिनिधियों के लिए आरक्षित हैं। पहले चरण की वोटिंग के दौरान हुई हिंसा ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

PTI ने किया चुनाव का बहिष्कार

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इन चुनावों का बहिष्कार किया है। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा हालात में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। वहीं, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर पहले ही प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

PTI ने दावा किया है कि पिछले महीने JAAC के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

भारत का रुख

भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा कर रखा है। हाल के महीनों में PoK में हुए विरोध प्रदर्शनों और अशांति को लेकर भी भारत ने पाकिस्तान पर स्थानीय लोगों के दमन, मानवाधिकार उल्लंघन और शोषण के आरोप लगाए हैं।

चुनावी हिंसा से बढ़े राजनीतिक तनाव

पहले चरण की वोटिंग के दौरान हुई हिंसा और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने PoK के चुनावी माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया है। अब सभी की निगाहें अगले दो चरणों की वोटिंग पर हैं। चुनाव आयोग और प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना होगी, ताकि आगे किसी तरह की हिंसा और विवाद से बचा जा सके।

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