पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी चरम पर है। गुरुवार 9 जुलाई को नामांकन दाखिल करने वाले भाजपा प्रत्याशी अभिषेक सिन्हा उर्फ बंटी ने मात्र 24 घंटे बाद शुक्रवार 10 जुलाई को नाम वापस ले लिया। परिवारिक कारण बताए गए, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि असली वजह कुछ और थी। बीजेपी ने बिना समय गंवाए नया चेहरा उतार दिया।
त्रिकोणीय मुकाबला,दिलचस्पी बढ़ी
भाजपा: नीरज कुमार सिन्हा
राजद: रेखा देवी
जन सुराज: प्रशांत किशोर

नीरज कुमार सिन्हा कौन हैं?
नीरज कुमार सिन्हा स्नातक हैं और अभी अविवाहित हैं। उन्होंने 2006 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली थी। संगठन में बूथ अध्यक्ष, मंडल महामंत्री और भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उनके चाचा स्वर्गीय नरेंद्र भारती जनसंघ काल के सक्रिय कार्यकर्ता थे और उन्हीं की स्मृति में मंडल का नाम रखा गया है। बीजेपी ने बिना समय गंवाए नया चेहरा उतार दिया। अब पार्टी का उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा हैं,जो वर्तमान में नरेंद्र भारती मंडल के मंडल अध्यक्ष हैं। नीरज ने उम्मीदवार बनने के बाद कहा,“नितिन नवीन जी के मार्गदर्शन में मैंने काम किया है। जो आदेश है, उसका पालन करूंगा। सभी कार्यकर्ताओं के बल पर चुनाव लड़ने जा रहा हूं।”

BJP पर दबाव?
कुछ नेता और विश्लेषक मान रहे हैं कि भाजपा इस बदलाव के बाद दबाव में है। नितिन नवीन की सीट, सम्राट चौधरी के नेतृत्व में पहला बड़ा चुनाव, भरत तिवारी का मुद्दा और कोर वोटरों में नाराजगी — इन सबके बीच उम्मीदवार बदलना पार्टी के लिए नई चुनौती खड़ी कर सकता है। हालांकि,भाजपा का कहना है कि संगठनात्मक ताकत और कार्यकर्ताओं के समर्थन से नीरज जीत दिलाएंगे। नामांकन की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। देखना होगा कि क्या भाजपा फिर कोई सरप्राइज देगी या नीरज कुमार सिन्हा अंतिम प्रत्याशी रहेंगे। परसेप्शन की लड़ाई में फिलहाल प्रशांत किशोर भारी पड़ते दिख रहे हैं, लेकिन बांकीपुर का इतिहास कुछ और कहता है। अब 13 जुलाई तक का समय तय करेगा कि मैदान कैसा रहता है।





