परिसीमन बिल पर आर-पार की लड़ाई, मानसून सत्र में बिल लाने की तैयारी…इस बार मिलेगा बहुमत भारी ?

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दिल्ली। संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक रणनीति को अंतिम रूप देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। गुरुवार को कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर पार्टी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए। बैठक में आगामी संसद सत्र के दौरान सरकार को घेरने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि पार्टी परिसीमन बिल का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद में सरकार द्वारा लाए जाने वाले कई प्रस्तावों और विधेयकों पर अपना विरोध दर्ज कराएगी। पार्टी का मानना है कि परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की सहमति जरुरी है।

लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत का गणित

बिल के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी है, जो 17 अप्रैल को लगे स्पेशल सेशन में नहीं मिला था। जिसके बाद एनडीए ने विपक्ष के खिलाफ महिला विरोधी होने का मोर्चा खोल दिया था। लिहाजा मानसून सत्र में एक बार फिर इस बिल को पेश करने की सुगबुगाहट तेज है। जहां मोदी सरकार मिशन-360 के आंकड़े को मतलब संसद में दो-तिहाई बहुमत का नंबर जुटाने की जद्दोजहद में लगी हुई है। तो कांग्रेस तमाम विपक्षी दलों के साथ सरकार को मात देने के लिए सियासी बिसात बिछाने की कोशिश कर रही है। सत्र के एक दिन पहले 19 जुलाई को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बीजेपी एक बार फिर समर्थन जुटाने की कोशिश करेगी। लोकसभा में सीटों का गणित समझे तो कुल 543 सीटें है, जिसमें से फिलहाल 3 सीटें खाली है। दो-तिहाई बहुमत यानि 360 सदस्यों के जरूरत होती है। अप्रैल में एनडीए को 298 सांसदों का समर्थन मिला था। बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए के पास 293 सांसदों का समर्थन है। तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए एनसीपीआई के 20 सांसदों के साथ-साथ डीएमके के 22 सांसदों का भी समर्थन सरकार को मिलता है, तो संसद में सरकार की स्थिति और मजबूत हो सकती है। मौजूदा आंकड़ों को देखें तो एनडीए के पास फिलहाल लगभग 293 सांसद हैं। इसमें एनसीपीआई के 20 और डीएमके के 22 सांसद जुड़ते हैं, तो यह संख्या करीब 335 तक पहुंच जाएगी। इसके अलावा सरकार को समय-समय पर वाईएसआरसीपी के 4 सांसदों और एक निर्दलीय सांसद का भी समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में यह संख्या लगभग 340 तक पहुंच सकती है।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर भी होगी बहस

सूत्रों के अनुसार बैठक में राम मंदिर चढ़ावा विवाद, नीट परीक्षा से जुड़े मुद्दे, एथनॉल नीति, बेरोजगारी और अन्य जनहित के विषयों पर भी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही संसद के भीतर फ्लोर मैनेजमेंट और विपक्षी दलों के साथ बेहतर समन्वय को लेकर भी मंथन किया गया। बैठक में मनीष तिवारी, शशि थरूर, पी. चिदंबरम, गौरव गोगोई, तारिक अनवर, प्रमोद तिवारी, मोहम्मद जावेद, नसीर हुसैन, कुमारी शैलजा, मणिक्कम टैगोर, कोडिकुन्नील सुरेश और के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। ऐसे में कांग्रेस विपक्षी दलों के साथ तालमेल मजबूत कर सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में जुटी है। पार्टी की इस बैठक को आगामी संसद सत्र की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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