झारखंड के रांची में चल रहा छात्रों का प्रदर्शन अब सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई में बदल चुका है। विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। जब हालात बिगड़ने लगे तो पुलिस लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया लेकिन छात्र नहीं रुके। छात्रों ने साफ कहा- न लाठी काम करेगी न पानी, सरकार के मांग मांगनी पड़ेगी। इसी बीच देवेंद्र महतो ने साफ ऐलान कर दिया- अब सरकार से कोई बात नहीं होगी, छात्रों की मांग पर सरकार को फैसला लेना होगा।

‘क्रांति और बदलाव का दिन है’
आंदोलन के 17वें दिन हजारों छात्र पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा की ओर मार्च लेकर निकले। पुलिस ने 6 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसके चलते कई जगह बैरिकेडिंग कर छात्रों को रोकने की कोशिश हुई, लेकिन छात्र आगे बढ़ते रहे। धक्का-मुक्की के बाद पुलिस ने बल प्रयोग किया, कई प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए। 9 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो भी एंबुलेंस से पहुंचे और स्ट्रेचर पर लेटकर मार्च में शामिल हुए, महतो पर छात्रों ने फूल बरसाएं, इससे पहले महतो ने इस आंदोलन को लेकर कहा था- आज क्रांति का दिन है, बदलाव का दिन है।





