
हजारों प्रदर्शनकारी रातभर डटे रहे, अभिजीत दीपके ने शांति की अपील की AAP ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई, अभिनेता रघुवीर यादव छात्रों के समर्थन में भावुक हुए।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन आधी रात के बाद भी जारी रहा। देर रात तक हजारों प्रदर्शनकारी मौके पर डटे रहे। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों और समर्थकों की मौजूदगी ने आंदोलन को और मजबूत संदेश दिया। प्रदर्शन स्थल पर लगातार नारेबाजी होती रही और प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

अभिजीत दीपके, छात्रों से की शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील
इस बीच कॉकरोच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना जरूरी है।

AAP का सरकार पर हमला
देर रात आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर छात्रों का समर्थन किया। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और आम आदमी पार्टी छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी प्रदर्शन में मौजूद रहे।

रघुवीर यादव हुए भावुक
जंतर-मंतर पर छात्रों के समर्थन में पहुंचे अभिनेता रघुवीर यादव कथित पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए भावुक हो गए। कैमरों के सामने उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को बल प्रयोग से नहीं दबाया जाना चाहिए।

अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा
अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर लगभग 22 लाख छात्रों के भविष्य पर चिंता जताई है। उन्होंने पेपर लीक मामले में जिम्मेदारी तय करने, संबंधित मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग के बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

आंदोलन पर सभी की नजर
जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक समर्थन हासिल करता दिखाई दे रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और सार्वजनिक हस्तियों के समर्थन के बीच प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। अब सभी की नजर सरकार की अगली प्रतिक्रिया और आंदोलन की आगामी रणनीति पर टिकी हुई है।



