प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने फ्रांस के एवियन पहुंचे।इस समय दुनिया कई आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है, ऐसे में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।दुनिया की सबसे बड़ी औद्योगिक अर्थव्यवस्थाओं के इस मंच पर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, AI, यूक्रेन संकट और पश्चिम एशिया की स्थिति जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।G7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी आमंत्रित साझेदार देशों के नेताओं, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों और जी7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बातचीत करेंगे।सम्मेलन के दौरान वह ‘नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण’, ‘साझा और सतत आर्थिक विकास’ और ‘कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित और प्रभावी विस्तार’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आयोजित सत्रों में हिस्सा लेंगे।

दुनिया के बड़े नेताओं से सीधी बात करेंगे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि वह दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ अहम वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श को लेकर उत्साहित हैं।पीएम मोदी ने कहा कि भारत टिकाऊ विकास और समृद्ध भविष्य के लिए सामूहिक वैश्विक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।जी7 सम्मेलन के दौरान जलवायु परिवर्तन, वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की पूरी संभावना है। इस मंच पर भारत अपनी प्राथमिकताओं और विकास मॉडल को दुनिया के सामने मजबूती से रखेगा।

ईरान को ट्रंप की चेतावनी- भुगतने होंगे ‘अंतिम परिणाम’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस के एवियन में मीडिया से बातचीत के दौरान साफ कहा कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न करे।चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान न तो परमाणु हथियार विकसित करेगा, न खरीदेगा और न ही किसी अन्य तरीके से उसे हासिल करेगा।ट्रंप ने साफ कर दिया की ईरान ऐसा करने की कोशिश करता है तो उसे ‘अकल्पनीय और अंतिम परिणाम’ भुगतने होंगे।

स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ से सम्मानित किया गया।जिसपर एनडीए नेताओं ने इसे पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया है।यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है।ये सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रतीक है।
इस साल जी7 के सम्मेलन में भारत के अलावा ब्राजील, केन्या, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन जैसे देशों के नेता भी आमंत्रित किए गए हैं।वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए यूएई, कतर और मिस्र के शीर्ष नेताओं को भी बुलाया गया है। ईरान, होर्मुज स्ट्रेट, ऊर्जा सप्लाई और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दे भी चर्चा के केंद्र में रहेंगे।




