लद्दाख के प्यार में सात समंदर पार से आई Natalie Falsgraf, बिना किसी स्वार्थ के बच्चों को सिखा रही हैं फिगर स्केटिंग के गुर

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Natalie Falsgraf
Natalie Falsgraf

लेह (लद्दाख), 23 जनवरी: कुछ रिश्ते भौगोलिक सीमाओं से परे होते हैं। अमेरिकी नागरिक नताली फाल्सग्राफ (Natalie Falsgraf) के लिए लद्दाख सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। साल 2018 में पहली बार जिज्ञासावश लद्दाख आईं नताली यहाँ के पहाड़ों और स्केटिंग के प्रति स्थानीय लोगों के जुनून को देखकर ऐसी मंत्रमुग्ध हुईं कि फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

प्यार की भाषा है ‘स्केटिंग’

नताली अमेरिका में सीनियर लेवल की फिगर स्केटर रह चुकी हैं और वहां एक सफल कोच के रूप में काम कर रही थीं। लेकिन लद्दाख में वे किसी पैसे या शोहरत के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह निस्वार्थ भाव से बच्चों को ट्रेनिंग दे रही हैं। नताली के लिए फिगर स्केटिंग सिखाना उनके प्यार को व्यक्त करने का एक तरीका (Love Language) बन गया है।

वे कहती हैं, “मैंने यहाँ के सबसे छोटे गाँवों में भी बच्चों को जमे हुए तालाबों पर स्केटिंग करते देखा है। स्केटिंग के प्रति उनका यह समर्पण और जुनून ही मुझे बार-बार यहाँ खींच लाता है।”

खेलो इंडिया: एक नया सवेरा

खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 के इतिहास में पहली बार ‘फिगर स्केटिंग’ को शामिल किया गया है, और नताली इसे एक बड़े बदलाव के रूप में देखती हैं। नताली की अपनी दो शिष्याएं—ज़ांस्कर क्षेत्र की स्टैनज़िन खांडो और तेनज़िन कुनज़िन—ने इस प्रतियोगिता के नोविस वर्ग में पदक जीतकर उनके भरोसे को और मजबूत किया है।

नताली बताती हैं, “यह न केवल खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का मौका है, बल्कि उन बच्चों को एक भविष्य दिखाने का भी अवसर है जो क्रिकेट या फुटबॉल से हटकर कुछ करना चाहते हैं।”

पहाड़ों की मेहनत और ग्लोबल विजन

नताली ने तकनीकी बारीकियों को समझाते हुए बताया कि ‘नोविस’ और ‘एडवांस्ड’ वर्ग में जंप और स्पिन का स्तर काफी बदल जाता है। उन्होंने भारतीय स्केटर्स के लिए ‘तारा प्रसाद’ को एक महान रोल मॉडल बताया, जो वर्तमान में बीजिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

इन्फ्रास्ट्रक्चर: भविष्य की नींव

लेह के नवांग दोरजे स्टोबदान (NDS) स्टेडियम में बने कृत्रिम आइस रिंक की तारीफ करते हुए नताली ने कहा कि पूरे साल अभ्यास करने के लिए ऐसे इनडोर रिंक बहुत जरूरी हैं। दिल्ली और अन्य शहरों में प्रस्तावित रिंक्स भारत को एशिया और दुनिया के नक्शे पर एक ‘आइस स्पोर्ट्स पावरहाउस’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होंगे।

नताली की यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि खेल सिर्फ जीत और हार के बारे में नहीं है, बल्कि यह उन रिश्तों और समुदायों के बारे में है जिन्हें हम बर्फ पर अपने ब्लेड्स और अपने जुनून से गढ़ते हैं।

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