Khelo India Winter Games 2026: सूरत की तपिश हो या लेह की हाड़ कंपाने वाली ठंड, खेल कभी-कभी बहुत क्रूर हो जाता है। रविवार की शाम लेह के नवांग दोरजे स्टोबदान (NDS) स्टेडियम में कुछ ऐसा ही मंजर दिखा। खचाखच भरे स्टेडियम में जब हजारों फैंस लद्दाख की जीत का जश्न मनाने को तैयार थे, तभी ITBP की बेटियों ने बाजी पलट दी और मेज़बान लद्दाख का दिल तोड़ते हुए आइस हॉकी का गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।
9 सेकंड का खेल और लद्दाख ‘स्तब्ध’
महिला आइस हॉकी का यह फाइनल पिछले साल की याद दिला रहा था। मैच के 17वें मिनट में शमीना खातून के गोल की बदौलत लद्दाख 1-0 से आगे था और जीत की ओर बढ़ रहा था। लेकिन खेल के तीसरे पीरियड में ITBP की स्टार खिलाड़ी स्टैनज़िन डोलकर (Tani) ने एक जादुई गोल दागकर मैच को बराबरी पर ला खड़ा किया।
असली ड्रामा एक्स्ट्रा टाइम में हुआ। खेल शुरू होने के मात्र 9 सेकंड के भीतर डोलकर ने एक और गोल दागकर ‘गोल्डन गोल’ के नियम से मैच खत्म कर दिया। स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया और ITBP के खेमे में जश्न शुरू हो गया। लद्दाख की बेटियाँ जो कुछ सेकंड पहले जीत के करीब थीं, उनकी आँखों में आँसू थे।
पुरुषों ने घाव पर लगाया मरहम
हालाँकि, लद्दाख के पुरुषों ने अपने फैंस को थोड़ा मुस्कुराने का मौका जरूर दिया। शनिवार को सेमीफाइनल में चंडीगढ़ से हारने के बाद, रविवार को कांस्य पदक (Bronze) के मुकाबले में लद्दाख ने ITBP को 3-2 से हराकर पोडियम फिनिश सुनिश्चित की।
नयना श्री का ‘विजय रथ’ जारी
स्केटिंग रिंक पर तेलंगाना की नयना श्री तल्लूरी का जादू सिर चढ़कर बोल रहा है। रविवार सुबह उन्होंने 1000 मीटर शॉर्ट ट्रैक स्पर्धा में अपना लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जीता। मैच के दौरान लद्दाख की स्टार स्केटर स्कर्मा सुल्टिम ने रफ़्तार बढ़ाने की कोशिश की लेकिन वे संतुलन खोकर गिर गईं। नयना ने इस मौके का फायदा उठाया और 1:43.32 के समय के साथ गोल्ड अपने नाम किया। नयना अब इस चैंपियनशिप की सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक बन गई हैं।
महाराष्ट्र और कर्नाटक का खुला खाता
रविवार का दिन महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए भी खुशियाँ लेकर आया। ईशान दार्वेकर ने पुरुषों की 1000 मीटर शॉर्ट ट्रैक स्पर्धा में महाराष्ट्र को इस सीजन का पहला गोल्ड दिलाया। वहीं, गुपुख तालाब की प्राकृतिक बर्फ पर कर्नाटक के 18 वर्षीय श्रीवत्स एस राव ने सबको चौंकाते हुए 1000 मीटर लॉन्ग ट्रैक स्केटिंग में स्वर्ण पदक जीता। श्रीवत्स ने जीत के बाद कहा, “मेरे आदर्श इस रेस में मेरे साथ थे, उन्हें पीछे छोड़ना मेरे लिए गर्व की बात है। मेरा अंतिम लक्ष्य भारत के लिए ओलंपिक मेडल जीतना है।”




