15 अगस्त से पहले थर्राया ISI का नेटवर्क; दिल्ली, पंजाब और बंगाल को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम, 12 संदिग्ध गिरफ्तार

साजिश के तहत दिल्ली-NCR, अमृतसर, तरनतारन और पश्चिम बंगाल के वर्धमान को निशाना बनाने की योजना थी. सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर जांच टीमों ने तीन राज्यों से 12 संदिग्धों को दबोच लिया है.

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नई दिल्ली: 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश को बेनकाब किया है. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर रची जा रही इस साजिश के तहत दिल्ली-NCR, अमृतसर, तरनतारन और पश्चिम बंगाल के वर्धमान को निशाना बनाने की योजना थी. सघन सर्च ऑपरेशन चलाकर जांच टीमों ने तीन राज्यों से 12 संदिग्धों को दबोच लिया है.

शहजाद भट्टी मॉड्यूल और ‘टारगेट किलिंग’ का प्लान

शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस पूरे मॉड्यूल का मास्टरमाइंड पाकिस्तान में बैठा गैंगस्टर से आतंकी बना शहजाद भट्टी है. वह पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव के संपर्क में रहकर भारतीय युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए भर्ती कर रहा था. गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोनों की फोरेंसिक जांच में 12 से अधिक पाकिस्तानी नंबर (+92) मिले हैं. इसके साथ ही अमेरिका और ब्रिटेन के कुछ संदिग्ध नंबरों के जरिए भी बातचीत होने के सबूत हाथ लगे हैं. इन हथियारों का इस्तेमाल देश के प्रमुख नेताओं, वीआईपी और बड़े प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था.

हनी ट्रैप और बड़े नेताओं को निशाना बनाने की योजना

पश्चिम बंगाल के वर्धमान से गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद हमीम मंडल और उसके सहयोगियों को लेकर एफआईआर में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में झारखंड की रहने वाली अर्पिता की भूमिका भी सामने आई है. उसे राजनीतिक हलकों में सेंध लगाने के लिए हनी ट्रैप के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी दी गई थी. हाई-प्रोफाइल टारगेट मॉड्यूल को राज्य के शीर्ष नेताओं की रेकी करने और सुरक्षा चूक का फायदा उठाकर हमले करने का टास्क दिया गया था. जंतर-मंतर पर अराजकता फैलाने संदिग्धों को पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर माहौल बिगाड़ने और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने का निर्देश मिला था.

युवाओं को लालच और हथियारों की सप्लाई

एजेंसियों का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ सूचनाएं जुटाने तक सीमित नहीं था. स्थानीय युवाओं को पैसों का लालच देकर भर्ती करना, ड्रोन के जरिए सीमा पार से आए हथियारों व नशीले पदार्थों को सही जगह पहुंचाना, और मौका मिलते ही अपहरण व हत्या जैसे अपराधों को अंजाम देना इनकी साजिश का हिस्सा था. फिलहाल, खुफिया और जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही हैं ताकि इनके बाकी बचे स्लीपर सेल्स और संपर्कों को जल्द से जल्द बेनकाब किया जा सके. स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है.

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