Gorakhpur Lady Don Case:150 शिकार… हुस्न का जाल,कानून पर भी उठ रहे सवाल!

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अपराध की दुनिया में… कोई अपना नहीं होता…ये हम इस लिए कह रहे है क्योंकि वाकई में ऐसा हुआ है…ये कहानी है उस जाल की…जिसमें सिर्फ आम लोग नहीं फंसे…बल्कि खाकी भी उलझ गई….नाम— अंशिका सिंह…पहचान— गोरखपुर की लेडी डॉन….और इल्ज़ाम—हनीट्रैप, सेक्स रैकेट, ब्लैकमेलिंग…और करीब 150 शिकार का…

उत्तर प्रदेश का गोरखपुर…हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र….यहीं रहती थी अंशिका सिंह—दिखने में ग्लैमरस,सोशल मीडिया पर एक्टिव,और अंदर से—एक पूरा क्राइम नेटवर्क…रील्स के पीछे रैकेट… और प्यार के पीछे प्लान….पिछले 5 सालों से अंशिका ने एक के बाद एक कई लोगों को अपने जाल में फंसाया…तरीका बेहद शातिर था….पहले दोस्ती…फिर प्यार की बातें…फिर वीडियो कॉल…धीरे-धीरे बात पहुंचती—न्यूड वीडियो तक….रिकॉर्डिंग के बाद शुरू होता था खेल—ब्लैकमेलिंग….पैसे दो…या फिर रेप, पॉक्सो और छेड़छाड़ के झूठे केस…कई पीड़ितों का दावा है—अगर पैसे नहीं दिए गए,तो अंशिका सीधे पुलिस में शिकायत की धमकी देती थी….आरोप है कि कई लोगों पर जबरन POCSO जैसे गंभीर केस लगवाए गए….कई जिंदगियां बिना गुनाह के कानूनी दलदल में फंसा दी गईं…सबसे चौंकाने वाला खुलासा—अंशिका के नेटवर्क में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल बताए जा रहे हैं…

जब अपराधी बेखौफ हो… तो शक खाकी पर भी जाता है…बताया जा रहा है कि—कुछ पुलिसकर्मी खुद अंशिका के हनीट्रैप में फंसे…वीडियो कॉल…निजी बातें…और फिर ब्लैकमेलिंग….हालांकि अब तक किसी पुलिसकर्मी ने लिखित शिकायत नहीं दी….कुछ साल पहले अंशिका संत कबीर नगर के खलीलाबाद में किराए के मकान में रहती थी…आरोप है—वहीं से सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था…जब मकान खाली कराने की बात हुई—विवाद बढ़ा….मामला वकील तक पहुंचा,और यहीं से अंशिका की परतें खुलनी शुरू हुईं….20 जनवरी…गोरखपुर….अशिका का बर्थडे सेलिब्रेशन…लेकिन पार्टी में केक नहीं…गोलियां चलीं…एक प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर से रंगदारी मांगी गई….आरोप है—अंशिका ने मैनेजर की कनपटी पर पिस्टल रख दी…छीना-झपटी में मैनेजर के दोस्त को पेट में गोली लगी…वो अब भी एम्स में जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है…वहीं जब पुलिस ने अंशिका का मोबाइल खंगाला—तो चौंकाने वाला डेटा सामने आया…दर्जनों आपत्तिजनक वीडियो…कॉल रिकॉर्ड….चैट्स….लेनदेन का हिसाब…जांच में ये भी सामने आया कि वीडियो कॉल के जरिए न्यूड वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल किया जाता था…शिकार हुए कुछ आम लोग…और कुछ वर्दी वाले भी….

इतना ही नहीं अंशिका की लाइफस्टाइल भी कई सवाल खड़े करती है….लग्जरी गाड़ियां…महंगे शौक…और फर्जी नंबर प्लेट….SP सिटी अभिनव त्यागी के मुताबिक अक्टूबर 2025 में दिल्ली से किराए पर ली गई थार वापस नहीं की गई….गाड़ी पर हरियाणा, बिहार और गोरखपुर की फर्जी नंबर प्लेट…उसके कुछ साथी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं…एक तरफ अशिका सोशल मीडिया पर बेहद एक्टिव थी…700 से ज्यादा रील्स…आपत्तिजनक गाने….यहां तक कि पुलिस जीप के सामने भी रील….यही रील्स उसके लिए शिकार ढूंढने का सबसे बड़ा हथियार थीं…अंशिका के परिवार ने खुद उससे दूरी बना रखी थी….पिता की मौत हो चुकी है….मां, बड़ी बहन और दामाद अलग रहते हैं….फिलहाल पुलिस उसकी कॉल डिटेल,फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और सोशल मीडिया नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है…

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