इस समय देश में रामभक्तों की आस्था को चोट पहुंचाने वाला महौल बना हुआ है। जिस अयोध्या में प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के लिए देश के कोने-कोने से, गरीब से लेकर अमीर तक ने अपनी मेहनत की कमाई का एक-एक रुपया दान कर दिया, उसी पावन भूमि पर आस्था के नाम पर महालूट की गई। रामलला के चढ़ावे में करोड़ों की चोरी का भंडाफोड़ होता है। एसआईटी 8 आरोपियों को गिरफ्तार करती है, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को नैतिक जिम्मेदारी लेकर इस्तीफा देना पड़ता है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई मामला अब जमीन घोटाले तक पहुंच गया है

एसआईटी का कार्यकाल बढ़ा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसआईटी ने जांच का दूसरा चरण शुरू कर दिया है। दावा किया जा रहा है कि चंदे के चुराए गए पैसों को अयोध्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त में लगाया गया। औने-पौने दाम पर जमीनें खरीदी गईं, और फिर उसी पैसे से मनी लॉन्ड्रिंग का खेल खेला गया। एसआईटी की टीम चंपत राय और अनिल मिश्रा से जमीनी सौदों पर भी पूछताछ कर चुकी है। जमीन से जुड़े मामले में पुलिस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से नजूल जमीन का सौदा करने या कराने वाले बिचौलियों को सूचीबद्ध कर लिया है। इन सभी को पुलिस ने जांच में सहयोग करने की कड़ी हिदायत दी है, यदि कोई असहयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

करोड़ों रामभक्तों का भरोसा दांव पर– RSS
इस पूरे मामले पर पहली बार संघ की ओर से बयान जारी कर नाराजगी जताई गई।संघ सरकार्यवाक दत्तात्रेय होसबले ने कहा- श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह पूर्वक निवेदन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल का गठन कर उसकी अनुशंसा पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उन्हें कठोर दंड हो यह सुनिश्चित करना जरूरी है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित संपूर्ण हिंदू समाज की न्यास से स्वाभाविक ही अपेक्षा है कि इस घोर निंदनीय घटना को असाधारण मान कर गंभीरता से व्यवस्था और संचालन की सभी कमियों को दूर करने के लिए परिणामकारक कदम उठाए जिससे अयोध्या मंदिर पर करोड़ों रामभक्तों की आस्था-श्रद्धा अखंड और अटूट बनी रहे। अभी जो भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है वो खत्म होनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे हिन्दू समाज से भी आह्वान करता है कि इस कठिन क्षण में वह आवश्यक धैर्य और संयम का परिचय दें।




