न्यूज डेस्क, राष्ट्र टीवी, गोवा Published by: साक्षी ऐवाले

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर 2025 को हुए भयंकर कार धमाके के पीछे जैश-ए-मोहम्मद का नया वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल सामने आया है। इस मॉड्यूल में डॉक्टर, प्रोफेसर और महिला सदस्य शामिल थे, जो सीधे पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, धमाका उस समय हुआ जब कार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी थी। फुटेज में देखा जा सकता है कि कई वाहन पास में खड़े थे और अचानक कार के बोनट से धुआं और आग निकलने लगी। धमाका इतना तेज़ था कि आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरे ब्लैक आउट हो गए और धमाके के तुरंत बाद का दृश्य रिकॉर्ड नहीं हो सका।
फरीदाबाद से गिरफ्तार वाइट कॉलर आतंकवादी
जांच के दौरान फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद ने पूछताछ में बताया कि वह और उसके साथी डॉक्टर देशभर में हमलों की साजिश रच रहे थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉ. शाहीन पिछले दो साल से विस्फोटक जमा कर रही थी।
इस वाइट कॉलर मॉड्यूल में शामिल लोग पेशेवर और शिक्षित थे, लेकिन वे सभी जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे आतंकवादी संगठनों से जुड़े हुए थे। उनके नेटवर्क की गतिविधियाँ फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी से संचालित हो रही थीं।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
घटना के बाद दिल्ली पुलिस, NIA और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके में सतर्कता और सुरक्षा बढ़ा दी है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि टेरर मॉड्यूल अब सिर्फ़ सड़क पर नहीं, बल्कि पेशेवर और शिक्षित लोगों के बीच भी सक्रिय हो रहा है।
लाल किला धमाका और इसके पीछे का वाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल यह दर्शाता है कि देश की सुरक्षा केवल आम सतर्कता पर नहीं, बल्कि संगठित और पेशेवर आतंकवाद पर भी निर्भर है। जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां हर संभावित खतरे के खिलाफ कदम उठा रही हैं।




