
दिल्ली की हवा में शुक्रवार सुबह मामूली सुधार देखा गया, लेकिन प्रदूषण का स्तर अभी भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 8 बजे शहर का AQI 370 दर्ज किया गया। यह 20 नवंबर को शाम 4 बजे दर्ज किए गए 391 AQI से थोड़ी बेहतर स्थिति है।
हालांकि सुधार के बावजूद, शहर के कई इलाकों में सांस लेना मुश्किल बना हुआ है। इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (T3) पर AQI 307, ITO में 378 और पंजाबी बाग में 379 दर्ज किया गया। अन्य क्षेत्रों में भी वायु गुणवत्ता खराब रही – नजफगढ़ 350, दिल्ली विश्वविद्यालय का उत्तरी परिसर 385, आया नगर 340 और CRRI मथुरा रोड 370।
कुछ इलाके तो ‘गंभीर’ श्रेणी में भी चले गए। आनंद विहार में AQI 418, अशोक विहार 411, रोहिणी 424 और आरके पुरम 401 जैसी स्थिति दर्ज की गई। इंडिया गेट, अक्षरधाम और कर्तव्य पथ समेत कई इलाके घने कोहरे की चादर में लिपटे रहे।
AQI मानकों के अनुसार, 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’, और 401-500 ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं।
बढ़ते प्रदूषण ने अदालतों का भी ध्यान खींचा है। दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहर सरकार को बच्चों के लिए बाहरी खेल गतिविधियों पर सर्दियों में रोक लगाने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिए कि GRAP-3 उपायों के कारण प्रभावित निर्माण श्रमिकों को निर्वाह भत्ता मिले और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की नियमित समीक्षा की जाए।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 11 नवंबर से GRAP-III उपाय लागू किए हैं, जिसमें निर्माण, वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों पर सख्त नियंत्रण शामिल है।




