दिन-रात फैसले… फाइलें… मीटिंग्स… और ज़िम्मेदारियों का बोझ….लेकिन जब मुख्यमंत्री कुछ पल खुद के लिए निकालें …तो तस्वीरें सिर्फ़ वायरल नहीं होतीं,बल्कि एक संदेश देती हैं…गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत का यही अंदाज़ इन दिनों चर्चा में है

जहां वो सत्ता की कुर्सी छोड़… कॅरम बोर्ड के सामने नज़र आए…ये तस्वीरें गोवा की हैं…जहां मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत एक कार्यक्रम के दौरान कॅरम खेलते नज़र आए…ना कोई प्रोटोकॉल…ना कोई औपचारिकता…बस एक नेता… और खेल का सादा सा आनंद,डॉ. प्रमोद सावंत …एक ऐसा नाम, जो आज गोवा की राजनीति की कमान संभाले हुए है…व्यस्त कार्यकाल…लगातार बैठकें…विकास की योजनाएं…और प्रशासनिक जिम्मेदारियां…लेकिन इन सबके बीच कुछ पल सुकून के लिए निकालना भी ज़रूरी है…कॅरम बोर्ड पर स्ट्राइकर चला…और माहौल बदल गया….मुख्यमंत्री का यह सरल और सहज रूप कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भी भा गया….हंसी… मुस्कान…और कैमरों में कैद एक अलग ही मुख्यमंत्री…नेतृत्व सिर्फ़ भाषणों से नहीं बनता,नेतृत्व बनता है व्यवहार से….जब मुख्यमंत्री आम लोगों की तरह खेल के ज़रिये खुद को रिलैक्स करते हैं….तो एक संदेश जाता है राजनीति इंसानियत से अलग नहीं….सत्ता जब सहज हो, तो जनता खुद जुड़ जाती हैसोशल मीडिया पर ये तस्वीरें तेज़ी से वायरल हो गईं….किसी ने कहा “ऐसा मुख्यमंत्री पहले नहीं देखा…तो किसी ने लिखा “लीडर हो तो ऐसा”….वहीं मुख्यमंत्री का ये ज़मीनी और मानवीय अंदाज़ जनता को खूब भाया…दरअसल…खेल और राजनीति का रिश्ता नया नहीं है….खेल सिखाता है धैर्य…रणनीति…और हार-जीत को स्वीकार करना….और शायद यही गुण एक बेहतर नेता की पहचान बनते हैं….जो खेल की चाल समझता है, वही सत्ता की चाल भी जानता है….कॅरम की ये एक चाल सिर्फ़ खेल नहीं थी….ये था एक संदेश कि मुख्यमंत्री भी इंसान हैं…कि ज़िम्मेदारियों के बीच थोड़ा ठहरना…थोड़ा मुस्कुराना…और खुद से जुड़ना भी उतना ही ज़रूरी है….



