नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर नीट परीक्षा विवाद को लेकर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन शनिवार को आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आंदोलन में आए सभी छात्रों से शांतिपूर्वक घर वापस लौटने की अपील की है. केंद्र सरकार के साथ हुई तीसरे दौर की सफल बातचीत के बाद संगठन ने प्रदर्शन खत्म करने की घोषणा की. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ की गई एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका ने आंदोलन वापसी का ऐलान किया.
सरकार ने मानीं ये 3 प्रमुख मांगें
CJP के प्रतिनिधि आशुतोष रांका ने बताया कि सरकार के साथ हुई मैराथन बैठक में उनकी मुख्य मांगों पर सहमति बन गई है. जिसमें नीट गड़बड़ी की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है. आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर (FIR) रद्द की जाएंगी. सरकार 3-4 दिनों में दर्ज मुकदमों की सूची साझा करेगी और भविष्य में किसी भी छात्र पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी. नीट विवाद के कारण अपनी जान गंवाने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये की सम्मानजनक वित्तीय सहायता दी जाएगी.
जंतर-मंतर पर जश्न और श्रद्धांजलि
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मांगें माने जाने की खबर मिलते ही प्रदर्शन स्थल पर खुशी की लहर दौड़ गई. छात्रों ने तिरंगा लहराकर छात्र एकता जिंदाबाद के नारे लगाए और राष्ट्रगान गाया. जश्न के बीच, पेपर लीक की वजह से जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों की याद में 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी गई.
हमारा मकसद सिर्फ छात्रों की आवाज उठाना था — CJP
प्रेस वार्ता के दौरान सीजेपी प्रवक्ताओं ने मीडिया के तीखे सवालों के जवाब दिए. सौरभ दास ने कहा कि आंदोलन को भटकाने और इसे पाकिस्तानी बताने की साजिशें हुईं, लेकिन मंच पर सिर्फ अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहे निष्कपट छात्र मौजूद थे. संगठन ने स्पष्ट किया कि मीडियाकर्मियों के साथ हिंसा करने वाले उपद्रवी थे, न कि उनके समर्थक. सीजेपी हमेशा शांति और संवैधानिक दायरे में प्रदर्शन करने की पक्षधर रही है. सौरभ दास के अनुसार, सरकार के साथ एक ड्राफ्ट साझा किया गया है, जिसकी लिखित प्रति मंगलवार तक मिलेगी. साथ ही, शिक्षा प्रणाली में सुधारों को लेकर 4 हफ्तों के भीतर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों की दोबारा बैठक होगी.
सरकार का रुख
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए यह सहमति बनी है. परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और दोषमुक्त बनाने के लिए सरकार 5 प्रमुख बिंदुओं वाले प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करेगी.




