प्रचार के आखिरी दिन बढ़ी चुनावी गर्मी
पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के आखिरी दिन पटना की सड़कों पर ऐसा चुनावी नजारा देखने को मिला,जिसने पूरे बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव और अभिनेता-नेता पवन सिंह के काफिले एक ही सड़क पर आमने-सामने आ गए। दोनों ओर समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी। कुछ देर के लिए सड़क पर हलचल बढ़ गई और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।
प्रचार थमा,अब जनता के फैसले का इंतजार
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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार अब समाप्त हो चुका है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की पूरी कोशिश की। अब चुनावी शोर थम चुका है और फैसला पूरी तरह मतदाताओं के हाथ में है।
बीजेपी ने बदला उम्मीदवार,चुनावी समीकरण बदले

बांकीपुर उपचुनाव सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने पहले अभिषेक कुमार सिन्हा (बंटी) को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन बाद में पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव मैदान से हट गए। इसके बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने दोबारा पार्टी की ओर से नामांकन दाखिल किया। उम्मीदवार बदलने के बावजूद भाजपा इस सीट को अपने मजबूत गढ़ के रूप में बचाए रखने की कोशिश में जुटी हुई है।
आरजेडी और जन सुराज ने मुकाबला बनाया दिलचस्प

राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। पार्टी का मानना है कि वैश्य बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार उसे बेहतर समर्थन मिलेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं,बल्कि राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की राय बताया है।
क्यों अहम है बांकीपुर सीट?

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। पार्टी का मानना है कि वैश्य बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार उसे बेहतर समर्थन मिलेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं,बल्कि राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की राय बताया है।
बांकीपुर सीट तीन दशक से बीजेपी का मजबूत गढ़

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत किला मानी जाती है। वर्ष 1995 में यह सीट पटना पश्चिम के नाम से जानी जाती थी। उस समय स्व.नवीन किशोर सिन्हा ने यहां जीत दर्ज की थी। वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद सीट का नाम बदलकर बांकीपुर कर दिया गया। नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद उनके पुत्र नितिन नवीन ने राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली और लगातार कई चुनाव जीतकर इस सीट पर भाजपा की पकड़ मजबूत बनाए रखी। पिछले विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन को 98,299 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी की रेखा गुप्ता को 46,363 वोट हासिल हुए थे। जन सुराज की उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रही थीं।
अब नजर 30 जुलाई की वोटिंग पर





