बांकीपुर: तेजस्वी Vs पवन सिंह आमने-सामने,प्रचार के आखिरी दिन बढ़ा सियासी तापमान

0
36

प्रचार के आखिरी दिन बढ़ी चुनावी गर्मी

पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के आखिरी दिन पटना की सड़कों पर ऐसा चुनावी नजारा देखने को मिला,जिसने पूरे बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी। चुनाव प्रचार के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव और अभिनेता-नेता पवन सिंह के काफिले एक ही सड़क पर आमने-सामने आ गए। दोनों ओर समर्थकों की भारी भीड़ मौजूद थी। कुछ देर के लिए सड़क पर हलचल बढ़ गई और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की।

प्रचार थमा,अब जनता के फैसले का इंतजार

प्रशांत किशोर की एंट्री से बांकीपुर सीट बनी हॉट, त्रिकोणीय मुकाबले का गणित  बिगाड़ेंगे बाकी 22 प्रत्याशी - bankipur by election 22 candidates challenge  main tri cornered ...

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार अब समाप्त हो चुका है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे। प्रचार के अंतिम दिन सभी राजनीतिक दलों ने मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने की पूरी कोशिश की। अब चुनावी शोर थम चुका है और फैसला पूरी तरह मतदाताओं के हाथ में है।

बीजेपी ने बदला उम्मीदवार,चुनावी समीकरण बदले

बांकीपुर में BJP की बैक-टू-बैक दो गलतियां? पहले टिकट काटा, अब नए कैंडिडेट  के बायोडाटा पर घिरी - Bankipur BJP Faces Fresh Questions Neeraj Kumar Sinha  Bio data Discrepancy Abhishek ...

बांकीपुर उपचुनाव सीट पर भारतीय जनता पार्टी ने पहले अभिषेक कुमार सिन्हा (बंटी) को उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने नामांकन भी दाखिल कर दिया था, लेकिन बाद में पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए चुनाव मैदान से हट गए। इसके बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया, जिन्होंने दोबारा पार्टी की ओर से नामांकन दाखिल किया। उम्मीदवार बदलने के बावजूद भाजपा इस सीट को अपने मजबूत गढ़ के रूप में बचाए रखने की कोशिश में जुटी हुई है।

आरजेडी और जन सुराज ने मुकाबला बनाया दिलचस्प

Bihar Politics: जन सुराज की चाल पर महागठबंधन की नजर, सीमांचल की 24 सीटों पर मुकाबला  दिलचस्प - seemanchal politics jan suraaj challenges mahagathbandhan in bihar

राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। पार्टी का मानना है कि वैश्य बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार उसे बेहतर समर्थन मिलेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं,बल्कि राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की राय बताया है।

क्यों अहम है बांकीपुर सीट?

बांकीपुर में चुनावी शोर के बीच 'साइलेंट वोटर' की एंट्री, 3 अगस्त को खुलेगा  BJP के किले का राज - bankipur byelection silent voter to decide bjps fate  on aug 3

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक बार फिर रेखा गुप्ता पर भरोसा जताया है। पार्टी का मानना है कि वैश्य बहुल मानी जाने वाली इस सीट पर इस बार उसे बेहतर समर्थन मिलेगा। वहीं जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं,बल्कि राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की राय बताया है।

बांकीपुर सीट तीन दशक से बीजेपी का मजबूत गढ़

Bankipur By-election: भाजपा अध्यक्ष नवीन की खाली सीट पर जल्द होंगे उपचुनाव,  EVM की प्रथम स्तरीय जांच पूरी - bankipur byelection evmvvpat flc completed  in patna bjp president nitin nabin seat

बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत किला मानी जाती है। वर्ष 1995 में यह सीट पटना पश्चिम के नाम से जानी जाती थी। उस समय स्व.नवीन किशोर सिन्हा ने यहां जीत दर्ज की थी। वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद सीट का नाम बदलकर बांकीपुर कर दिया गया। नवीन किशोर सिन्हा के निधन के बाद उनके पुत्र नितिन नवीन ने राजनीतिक जिम्मेदारी संभाली और लगातार कई चुनाव जीतकर इस सीट पर भाजपा की पकड़ मजबूत बनाए रखी। पिछले विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन को 98,299 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी की रेखा गुप्ता को 46,363 वोट हासिल हुए थे। जन सुराज की उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रही थीं।

अब नजर 30 जुलाई की वोटिंग पर

बीजेपी के मजबूत दुर्ग में सम्राट की अग्निपरीक्षा, बांकीपुर में पीके की  एंट्री से क्या बदल जाएगा गेम? - bankipur bypoll prashant kishor jan suraj  bjp bihar cm samrat ...

बांकीपुर की इस हाई-प्रोफाइल लड़ाई पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हैं। चुनाव प्रचार खत्म हो चुका है,बयानबाजी थम गई है और अब फैसला जनता के हाथ में है। 30 जुलाई की वोटिंग और 3 अगस्त की मतगणना यह तय करेगी कि क्या भाजपा अपना गढ़ बचा पाएगी या बांकीपुर इस बार बिहार की राजनीति को कोई नया संदेश देगा। वहीं आने वाले नतीजे सिर्फ एक सीट का फैसला नहीं करेंगे, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक दिशा का भी संकेत देंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here