अयोध्या में 25 नवंबर को होगा इतिहास—श्रीराम मंदिर के शिखर पर फहरेगा भगवा विजय ध्वज

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अयोध्या 25 नवंबर को एक बार फिर इतिहास रचने जा रही है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर पहली बार भगवा विजय ध्वज फहराया जाएगा और इस बेहद खास पल के साक्षी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। रामनगरी इन दिनों पूरी तरह उत्सव में डूबी हुई है—सड़कों से लेकर मंदिर परिसर तक हर जगह सजावट और तैयारी का अलग ही नजारा दिख रहा है।

ध्वजारोहण के लिए तैयार किए गए इस विशेष भगवा ध्वज को अहमदाबाद की एक कंपनी ने बनाया है, जो पैराशूट बनाने में माहिर है। ध्वज को ऐसा कपड़ा और रेशम के धागों से बुना गया है कि धूप, बारिश और तेज हवा—सबका सामना कर सके। बताया जा रहा है कि इस ध्वज पर तीन खास प्रतीक होंगे—ॐ, सूर्य और कोविदार वृक्ष। सूर्य भगवान राम के सूर्यवंश का प्रतीक है, जबकि कोविदार वृक्ष का जिक्र वाल्मीकि रामायण में मिलता है। यह ध्वज अयोध्या की प्राचीन परंपरा को फिर से जीवित करने की एक महत्वपूर्ण कोशिश है।

शहर में सुरक्षा भी पूरी तरह कड़ी कर दी गई है। हाल के दिल्ली धमाकों के बाद अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। भारत-नेपाल सीमा तक सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, गांवों में सुरक्षा समितियाँ सक्रिय हैं और पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्त लगातार जारी है। सभी CCTV कैमरे चालू कर दिए गए हैं और संवेदनशील इलाकों में नए कैमरे भी लगाए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

25 नवंबर को अयोध्या एयरपोर्ट पर करीब 80 चार्टर्ड विमान उतरेंगे। कार्यक्रम लगभग चार घंटे चलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और हजारों विशेष अतिथि होंगे। प्रधानमंत्री मंदिर परिसर में 7,000 से ज्यादा लोगों को संबोधित भी करेंगे।

मंदिर परिसर को भी बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। भगवान महादेव, गणेश, हनुमान, सूर्यदेव, मां भगवती, मां अन्नपूर्णा और शेषावतार के सहायक मंदिरों की भी विशेष सजावट की गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए दर्शन समय भी बढ़ा दिया गया है—अब सुबह 7 बजे से रात 9:15 बजे तक दर्शन किए जा सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि धर्म ध्वज की स्थापना के साथ ही प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का एक नया दौर शुरू होगा। उन्होंने लोगों से रामराज्य के आदर्शों पर चलकर एक नया उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प लेने की अपील भी की। योगी ने बताया कि अयोध्या विजन 2047 के तहत शहर को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनाने की दिशा में काम तेज़ी से चल रहा है।

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