भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। तिरुवनंतपुरम में वेस्टइंडीज के खिलाफ मुकाबले में विराट ने 15 हजार वनडे रन पूरे कर लिए। इस मुकाम तक पहुंचने के साथ ही वह वनडे क्रिकेट के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने 15 हजार या उससे ज्यादा रन बनाए हैं। विराट की इस उपलब्धि को खास बनाता है इसे हासिल करने का अंदाज। उन्होंने महज 303 पारियों में 15 हजार वनडे रन पूरे किए, जबकि भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 377 पारियां खेलनी पड़ी थीं। यानी विराट ने सचिन से 74 पारियां कम खेलकर यह उपलब्धि हासिल की। हालांकि, दोनों खिलाड़ियों की तुलना सिर्फ पारियों की संख्या से करना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। रन प्रति पारी, बल्लेबाजी औसत, शतक, 50+ स्कोर और खेली गई गेंदों के आंकड़े भी दोनों के वनडे सफर में दिलचस्प अंतर सामने रखते हैं।
139 रन की नाबाद पारी के साथ विराट ने रचा इतिहास
वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 88 गेंदों पर नाबाद 139 रन बनाए। उनकी इस पारी में बड़ी संख्या में आकर्षक शॉट देखने को मिले। इसी पारी के दौरान विराट ने 15 हजार वनडे रन का आंकड़ा पार किया और अपना 55वां वनडे शतक भी पूरा किया। भारत ने इस मुकाबले को 50 गेंद शेष रहते 8 विकेट से अपने नाम किया। इस तरह विराट की व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ टीम के लिए भी यह मुकाबला यादगार रहा।
15 हजार रन तक पहुंचने में विराट ने खेलीं 303 पारियां
विराट कोहली ने 15 हजार वनडे रन पूरे करने के लिए 303 पारियां खेलीं। वहीं सचिन तेंदुलकर ने 15 हजार रन का आंकड़ा 377 पारियों में हासिल किया था। इस हिसाब से विराट ने सचिन की तुलना में 74 कम पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। यह अंतर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग दौर में वनडे क्रिकेट खेला है और उनके करियर की शुरुआत तथा बल्लेबाजी की भूमिकाएं भी पूरी तरह एक जैसी नहीं थीं।
रन प्रति पारी में भी विराट का आंकड़ा आगे
अगर 15 हजार रन के मुकाम तक दोनों बल्लेबाजों द्वारा खेली गई पारियों को आधार बनाकर रन प्रति पारी का हिसाब लगाया जाए, तो विराट का आंकड़ा करीब 49.77 रन प्रति पारी बैठता है। वहीं सचिन तेंदुलकर के लिए यह आंकड़ा लगभग 39.90 रन प्रति पारी था। इससे पता चलता है कि विराट ने अपने बल्लेबाजी अवसरों में औसतन अधिक रन बनाए। हालांकि, इस तरह की तुलना में नाबाद पारियों का प्रभाव भी शामिल होता है, इसलिए इसे बल्लेबाजी औसत से अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।

बल्लेबाजी औसत में भी बड़ा अंतर
15 हजार रन के आसपास के आंकड़ों को देखें तो विराट कोहली का बल्लेबाजी औसत करीब 59.14 था। इस समय तक उन्होंने 255 बार अपना विकेट गंवाया था। दूसरी तरफ, सचिन तेंदुलकर के 15 हजार रन के मुकाम पर उनका बल्लेबाजी औसत करीब 44.24 था। उनके खाते में उस समय 37 नाबाद पारियां थीं। नाबाद पारियों का बल्लेबाजी औसत पर सीधा प्रभाव पड़ता है। विराट की लगभग 15.8 फीसदी पारियां नाबाद रही थीं, जबकि सचिन के मामले में यह अनुपात करीब 9.8 फीसदी था। इसलिए दोनों खिलाड़ियों के औसत को समझते समय नाबाद पारियों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। इसके बावजूद रन प्रति पारी का अंतर यह दिखाता है कि विराट की 15 हजार रन तक पहुंचने की रफ्तार केवल नाबाद रहने की वजह से नहीं थी।
शतकों के मामले में विराट की रफ्तार तेज
विराट कोहली ने 15 हजार रन तक पहुंचते समय 55 वनडे शतक लगाए थे। वहीं सचिन तेंदुलकर के पास 15 हजार रन पूरे करने के समय 41 शतक थे। यानी 15 हजार रन के मुकाम पर विराट के खाते में सचिन से 14 ज्यादा शतक थे। पारियों के हिसाब से देखें तो विराट ने करीब हर 5.5 पारियों में एक शतक लगाया, जबकि सचिन के लिए यह अनुपात लगभग हर 9.2 पारियों का था। यह आंकड़ा बताता है कि विराट अपने बड़े स्कोर को शतक में बदलने के मामले में कितने प्रभावी रहे हैं।
50+ स्कोर में भी विराट का आंकड़ा ज्यादा
- 15 हजार रन तक पहुंचने के दौरान दोनों खिलाड़ियों के अर्धशतकों की संख्या 79-79 थी। लेकिन शतकों की संख्या में विराट आगे थे।
- विराट के 55 शतक और 79 अर्धशतक को मिलाकर उनके 134 50+ स्कोर हो गए थे।
- वहीं सचिन के 41 शतक और 79 अर्धशतक मिलाकर 120 50+ स्कोर बनते हैं।
- यानी विराट ने 303 पारियों में 134 बार 50 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया, जबकि सचिन को 120 ऐसे स्कोर बनाने के लिए 377 पारियां खेलनी पड़ी थीं।
- विराट का 50+ स्कोर लगभग हर 2.26 पारियों में आया, जबकि सचिन के लिए यह अनुपात लगभग 3.14 पारियों का था।

अर्धशतक को शतक में बदलने की क्षमता भी चर्चा में
दोनों खिलाड़ियों के 50+ स्कोर को देखें तो विराट ने अपने 134 50+ स्कोर में से 55 को शतक में बदला। यानी करीब 41 फीसदी 50+ स्कोर शतक में तब्दील हुए। सचिन के मामले में 120 50+ स्कोर में 41 शतक शामिल थे। यह अनुपात करीब 34 फीसदी बैठता है। यह आंकड़ा इस बात का एक और संकेत देता है कि विराट बड़ी पारी को और बड़े स्कोर में बदलने के लिए जाने जाते रहे हैं।
15 हजार रन के लिए विराट ने खेलीं करीब 1,578 गेंदें कम
दोनों बल्लेबाजों की बल्लेबाजी की गति को समझने के लिए खेली गई गेंदों का आंकड़ा भी दिलचस्प है। विराट कोहली ने 15 हजार वनडे रन तक पहुंचने के लिए करीब 15,950 गेंदों का सामना किया। वहीं सचिन तेंदुलकर ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए लगभग 17,528 गेंदें खेली थीं। यानी विराट ने करीब 1,578 गेंदें कम खेलकर 15 हजार रन पूरे किए। यह अंतर 263 से ज्यादा ओवर के बराबर है। हालांकि, गेंदों और पारियों के अंतर में काफी फर्क दिखाई देता है। पारियों के मामले में अंतर करीब 20 फीसदी है, जबकि गेंदों के मामले में अंतर लगभग 9 फीसदी के आसपास है। इसका मतलब यह है कि विराट की उपलब्धि को केवल तेज बल्लेबाजी के आधार पर नहीं समझा जा सकता। बड़ी पारियां खेलना और हर अवसर पर ज्यादा रन बनाना भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सचिन और विराट का दौर एक जैसा नहीं था
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर की तुलना करते समय क्रिकेट के दोनों दौरों के अंतर को ध्यान में रखना भी जरूरी है। सचिन ने 1989 में अपना वनडे करियर शुरू किया था। उस समय वनडे क्रिकेट के नियम, फील्डिंग प्रतिबंध, गेंदों के इस्तेमाल और बल्लेबाजी की परिस्थितियां आज से अलग थीं।सचिन ने 1994 में वनडे में ओपनिंग की जिम्मेदारी संभालने से पहले ही 69 मैच खेल लिए थे। इन मुकाबलों में उन्होंने 30.84 की औसत से 1,758 रन बनाए थे और इस दौरान उनके नाम कोई वनडे शतक नहीं था। ओपनिंग पर आने के बाद उनके वनडे करियर में बड़ा बदलाव देखने को मिला। दूसरी तरफ विराट ने अपने करियर में अपेक्षाकृत जल्दी नंबर-3 की भूमिका को अपनी प्रमुख बल्लेबाजी स्थिति के रूप में स्थापित किया। इसलिए 74 पारियों का अंतर सिर्फ दोनों बल्लेबाजों की व्यक्तिगत क्षमता से जुड़ा आंकड़ा नहीं है। इसमें करियर की शुरुआत, बल्लेबाजी क्रम और उनके-अपने दौर की क्रिकेट परिस्थितियों का भी प्रभाव रहा है।

उम्र के मामले में सचिन ने पहले हासिल किया था मुकाम
अगर यही तुलना उम्र के आधार पर की जाए तो तस्वीर अलग दिखाई देती है। सचिन तेंदुलकर ने 15 हजार वनडे रन का आंकड़ा 34 साल की उम्र में हासिल किया था, जबकि विराट कोहली ने यह उपलब्धि 37 साल की उम्र में हासिल की। यानी पारियों के मामले में विराट ने कम पारियों में 15 हजार रन पूरे किए, लेकिन उम्र के लिहाज से सचिन कम उम्र में इस मुकाम तक पहुंच गए थे। इसके पीछे उनके दौर में खेले गए वनडे मैचों की संख्या और क्रिकेट कैलेंडर में बदलाव जैसे कई कारक भी रहे हैं।
139 रन की पारी ने उपलब्धि को बनाया खास
विराट कोहली का 15 हजार रन का मुकाम सिर्फ एक आंकड़ा नहीं रहा। जिस पारी के दौरान उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की, उसमें उन्होंने नाबाद 139 रन बनाए। यानी विराट ने 15 हजार रन के क्लब में प्रवेश एक बड़ी व्यक्तिगत पारी के साथ किया और उसी मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया। 55वां वनडे शतक, 15 हजार रन और टीम की जीत—एक ही मुकाबले में विराट के लिए कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हुईं।
15 हजार रन की कहानी में विराट और सचिन के रास्ते अलग
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर दोनों ने वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन का आंकड़ा पार किया, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका रास्ता अलग रहा। विराट ने जहां 303 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की, वहीं सचिन को 377 पारियां लगीं। विराट के खाते में इस पड़ाव पर अधिक शतक और अधिक 50+ स्कोर भी थे। दूसरी ओर सचिन ने यह उपलब्धि कम उम्र में हासिल की और उनका करियर ऐसे दौर में आगे बढ़ा, जब वनडे क्रिकेट की परिस्थितियां आज से काफी अलग थीं। इसलिए 15 हजार रन का आंकड़ा दोनों महान बल्लेबाजों को एक ही क्लब में खड़ा करता है, लेकिन आंकड़ों के पीछे की कहानी बताती है कि दोनों ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बिल्कुल अलग क्रिकेटिंग रास्ता तय किया।




