भारत ने गॉल टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। 15 अगस्त से शुरू हुए इस मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहली बार 15 अगस्त से शुरू हुए किसी टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने जीत दर्ज की है।

गॉल में टीम इंडिया का दबदबा जारी
गॉल टेस्ट में भारत ने शुरुआत से ही मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी। बल्लेबाजों ने श्रीलंका के सामने चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, तो गेंदबाजों ने दूसरी पारी में मेजबान टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। भारत ने श्रीलंका के सामने जीत के लिए 372 रन का लक्ष्य रखा था। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सकी और 165 रन से मुकाबला गंवा बैठी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। गॉल में भारत की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि टीम इंडिया ने यहां करीब 9 साल बाद टेस्ट मैच जीता है। लंबे अंतराल के बाद मिली इस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।
15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट में पहली बार जीत

गॉल टेस्ट भारतीय क्रिकेट के लिए एक अलग वजह से भी ऐतिहासिक बन गया। मुकाबला 15 अगस्त से शुरू हुआ था। भारतीय क्रिकेट इतिहास में यह सिर्फ दूसरा टेस्ट था, जिसकी शुरुआत 15 अगस्त को हुई। इससे पहले साल 2014 में भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हुआ टेस्ट मैच खेला था। उस मुकाबले में टीम इंडिया को पारी और 244 रन से करारी हार का सामना करना पड़ा था। यानी गॉल में मिली जीत ने एक दिलचस्प रिकॉर्ड भी बदल दिया। 15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट मैच में भारत ने पहली बार जीत दर्ज की। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर शुरू हुए इस मुकाबले का जीत के साथ खत्म होना भारतीय टीम के लिए भावनात्मक तौर पर भी खास बन गया।
मानव सुथार ने गेंद से मचाया कहर

गॉल टेस्ट में भारत की जीत के सबसे बड़े नायकों में मानव सुथार का नाम सबसे ऊपर रहा। युवा स्पिनर ने अपनी गेंदबाजी से श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया और पूरे मुकाबले में कुल 10 विकेट अपने नाम किए। मानव ने पहली पारी में 4 विकेट चटकाए, जबकि दूसरी पारी में उन्होंने 6 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया। दूसरी पारी में उनका प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ और उन्होंने श्रीलंका की जीत की उम्मीदों को लगातार झटके दिए। मानव सुथार की गेंदबाजी ने यह भी दिखाया कि भारतीय टेस्ट टीम के पास स्पिन विभाग में नए और प्रतिभाशाली विकल्प मौजूद हैं। दबाव वाले मुकाबले में उनका प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए बड़ी सकारात्मक खबर है।
देवदत्त पडिक्कल का बल्ला भी बोला

गेंदबाजी में जहां मानव सुथार ने कमाल किया, वहीं बल्लेबाजी में देवदत्त पडिक्कल ने अपनी छाप छोड़ी। पडिक्कल ने पूरे टेस्ट मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए एक शतक के साथ कुल 211 रन बनाए। उनकी पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मुश्किल परिस्थितियों में लंबी पारी खेलकर उन्होंने न सिर्फ स्कोरबोर्ड को मजबूत किया, बल्कि श्रीलंका पर मानसिक दबाव भी बनाया। मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन इस टेस्ट की सबसे बड़ी खासियतों में रहा। एक ने गेंद से श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ी, तो दूसरे ने बल्ले से टीम के लिए बड़ा स्कोर तैयार किया।
अब नजर कोलंबो टेस्ट पर





