लोकसभा में मंगलवार को 2 बजे के बाद से पेपर लीक से जुड़े पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा शुरु हो गई है।विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को इस बिल को सदन में पेश कर कहा था- इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी। भारी हंगामे के बाद आखिरकार सदन में चर्चा शुरु तो हुई लेकिन पक्ष-विपक्ष एक बार फिर आमने सामने आ गए। कांग्रेस ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। सरकार ने इस बिल को छात्रों के भविष्य के पक्ष में बताया।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, ‘ये सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। सुधार नहीं लाना चाहती है। ये बिल सिर्फ दिखावे का बिल है। छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का आदेश किसने दिया। सरकार को जवाब देना चाहिए।गौरव ने कहा, ‘राहुल गांधी ने बार-बार कहा कि प्रधान सिर्फ एक मुखौटा हैं। उनके हटने से शिक्षा में सुधार आएगा, इसका विश्वास न हमें है, न बच्चों को। बच्चे क्या करें। उनके पास पैसे नहीं है कि 30-30 लाख में पैसे खरीद सकें। वे नाराज हैं। जब वे लड़ नहीं पाते तो आत्महत्या कर लेतें हैं।’गौरव गोगोई ने कहा- कानून उस समय भी विफल था। आज जिस मंशा से सरकार ये ला रही है, आज भी यह फेल होगा। साथी ही कहा कि- आप सुधार नहीं चाहते क्योंकि RSS के लिए शिक्षा विभाग अहम है। आप चाहते हैं कि शिक्षा के माध्यम से इस पीढ़ी के लोक आपके संगठन के सदस्य बने।

समाजवादी पार्टी प्रमुखअखिलेश यादव ने कहा- सरकार वचन नहीं जुमले देती है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों के प्रदर्शन के दौरान नारा लगा कि सरकार झुकती है, झुकाने वाला चाहिए। उन्होंने कहा, युवाओं को झुकाना आता है। करोड़ों युवाओं की मांग थी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। धर्मेंद्र प्रधान अब मंत्री नहीं है। जब वे सदन लौटे हैं तो उनका स्वागत हुआ। हमें स्वागत से समस्या नहीं है।अखिलेश यादव ने कहा, ‘पहला आंदोलन देखा, जिसमें बच्चों के मां-बाप ने कहा कि जाओ, आंदोलन करो। अगर यह गलत बात है, तो गृह मंत्री को लाइए, वे सब साफ कर देते हैं। जो लोग चढ़ावा नहीं बचा सके, वो लोग पेपर लीक कैसे बचा पाएंगे।





