पटना: बिहार की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। लंबे समय तक लालू प्रसाद यादव की पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे मृत्युंजय तिवारी का बीजेपी में शामिल होना बिहार की सियासत में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हाल ही में उन्होंने RJD से इस्तीफा देते हुए पार्टी नेतृत्व,खासकर तेजस्वी यादव पर उपेक्षा और अपमान के गंभीर आरोप लगाए थे। बीजेपी में शामिल होने से पहले मृत्युंजय तिवारी ने पटना स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि वे हर मंगलवार मंदिर आते हैं और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने खुद को रामभक्त बताते हुए कहा कि यह उनकी वर्षों पुरानी आस्था का हिस्सा है।
RJD छोड़ने के बाद BJP से नई पारी की शुरुआत

बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उन पर जो भरोसा जताया है,उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने कहा,”मैं भारतीय जनता पार्टी का आभार व्यक्त करता हूं। पार्टी ने मुझे जो सम्मान दिया है,उसे मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा। मेरे खून का एक-एक कतरा बीजेपी के लिए समर्पित रहेगा।” उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में एक मजबूत राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।
मृत्युंजय तिवारी ने RJD छोड़ते समय लगाए थे गंभीर आरोप
मृत्युंजय तिवारी ने 16 जुलाई को RJD से इस्तीफा दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि पार्टी में लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही थी और उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व कार्यकर्ताओं की भावनाओं को समझने में असफल रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के प्रति उनके मन में आज भी सम्मान है। उनके अनुसार, उन्होंने वर्षों तक पार्टी के लिए पूरी निष्ठा से काम किया,लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदल गईं।
2014 में लालू यादव ने मृत्युंजय तिवारी को बड़ी जिम्मेदारी दी

मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक RJD का प्रमुख चेहरा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में जब पार्टी कठिन दौर से गुजर रही थी,तब लालू प्रसाद यादव ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी की विचारधारा को जनता तक पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया। यही वजह है कि उनका पार्टी छोड़ना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
BJP में लगातार बढ़ रही नेताओं की एंट्री





