CJP का सख्त रुख: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम कुछ मंजूर नहीं, सरकार कल देगी जवाब

CJP नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो से तीन दिनों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा या कैबिनेट से बर्खास्तगी नहीं होती है, तो संगठन 20 जुलाई जैसा बड़ा विरोध मार्च फिर से शुरू करेगा.

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नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच शुक्रवार को अहम बैठक हुई. इस बातचीत में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, CJP का प्रतिनिधित्व प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने किया. बैठक के बाद CJP प्रवक्ता आशुतोष ने साफ किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने बताया कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने और प्रभावितों को मुआवजा देने पर सहमत हो गई है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के मुताबिक, दो घंटे तक चली इस बैठक में CJP ने सरकार के सामने 3 मुख्य मांगें और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 5 सुझाव रखे हैं. सरकार ने इन पर विचार करने के लिए शनिवार तक का समय मांगा है और CJP प्रतिनिधियों को कल दोपहर 3:30 बजे दोबारा बैठक के लिए बुलाया है.

…तो फिर होगा बड़ा प्रदर्शन

CJP नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर अगले दो से तीन दिनों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा या कैबिनेट से बर्खास्तगी नहीं होती है, तो संगठन 20 जुलाई जैसा बड़ा विरोध मार्च फिर से शुरू करेगा. CJP प्रवक्ता आशुतोष ने कहा, सरकार हमारी मांगों पर विचार करने को तैयार है और इस्तीफे का मुद्दा प्रधानमंत्री के समक्ष रखा जाएगा. इसका अंतिम फैसला कल की बैठक में होगा. वहीं सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने पर आशुतोष ने कहा कि वांगचुक ने पीड़ितों के मुआवजे और कानूनी कार्रवाई न होने की मांग को लेकर भूख हड़ताल की थी, लेकिन CJP का मुख्य आंदोलन पहले दिन से ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर टिका है और इस मांग में कोई बदलाव नहीं होगा.

सोनम वांगचुक हमारे साथ: अभिजीत दीपके

जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक पर सरकार का कोई दबाव नहीं है. वे देश को जागरूक करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर आंदोलन के साथ खड़े हैं. अभिजीत ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस खुद पत्थरों से भरी गाड़ियां लाती है और कुछ असामाजिक तत्व आकर माहौल खराब करने के लिए पथराव करते हैं. इधर इस पूरे मामले पर शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से पेपर लीक मामले के बाद अब तक किए गए सुधारात्मक उपायों और जारी जांच की प्रगति रिपोर्ट तलब की है. सुरक्षा कारणों से DMRC ने नई दिल्ली समेत 18 मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले की त्वरित सुनवाई के लिए नागपुर और औरंगाबाद में दो फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने के निर्देश दिए हैं. दिल्ली पुलिस के अनुसार, फेस रिकॉग्निशन तकनीक के जरिए 216 संदिग्धों की पहचान की गई है. अब तक 15 अलग-अलग FIR दर्ज की जा चुकी हैं. लाठीचार्ज और झड़प के दौरान 65 छात्रों समेत करीब 195 लोग घायल हुए हैं. फिलहाल प्रदर्शन स्थल पर 10 से 12 हजार प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा और नियंत्रण के लिए 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं.

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