
बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वह ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दे। बयान में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में बलूचिस्तान का प्रशासन उसकी अपनी सुरक्षा और रक्षा बलों द्वारा संचालित किया जा रहा है। हालांकि इसमें यह स्वीकार किया गया है कि उनके पास लड़ाकू विमान, अटैक हेलीकॉप्टर, टैंक, मिसाइल या भारी तोपखाने जैसे आधुनिक सैन्य संसाधन नहीं हैं, लेकिन उनका दावा है कि जमीनी स्तर पर उनका व्यापक नियंत्रण है।
नई दिल्ली। पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। सोशल मीडिया पर ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के नाम से जारी एक बयान में कहा गया है कि बलूचिस्तान ने खुद को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित कर दिया है। इस बयान को सोशल मीडिया पर सक्रिय बलोच नेता मीर यार बलोच ने 13 जुलाई 2026 को साझा किया।

बयान में दावा किया गया है कि बलूचिस्तान की रक्षा और सुरक्षा बलों ने प्रदेश के करीब 85 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और अब वहां का प्रशासन भी उनके नियंत्रण में संचालित हो रहा है। बयान के अनुसार, नवगठित ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ ने अपना राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान और नई मुद्रा भी घोषित कर दी है। इसमें कहा गया है कि देश का राष्ट्रीय गान ‘मा चुकैन बलोचानी’ होगा, जबकि ‘बलोची फलूस’ नाम से नई मुद्रा लागू की गई है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि बलूचिस्तान की सुरक्षा और रक्षा बलों का नियंत्रण प्रदेश की प्रमुख प्राकृतिक संपदाओं पर भी है, जिनमें सोने और तांबे की खदानें, 150 से अधिक सक्रिय गैस क्षेत्र और 1,200 से ज्यादा संचालित कोयला खदानें शामिल हैं।
बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वह ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दे। बयान में यह भी कहा गया है कि वर्तमान में बलूचिस्तान का प्रशासन उसकी अपनी सुरक्षा और रक्षा बलों द्वारा संचालित किया जा रहा है। हालांकि इसमें यह स्वीकार किया गया है कि उनके पास लड़ाकू विमान, अटैक हेलीकॉप्टर, टैंक, मिसाइल या भारी तोपखाने जैसे आधुनिक सैन्य संसाधन नहीं हैं, लेकिन उनका दावा है कि जमीनी स्तर पर उनका व्यापक नियंत्रण है।
बयान के अनुसार सेना, नौसेना, वायुसेना और नागरिक प्रशासन को मिलाकर लगभग पांच लाख कर्मियों का बल तैयार किया गया है और वर्ष 2026 के अंत तक पाकिस्तान की सेना को बलूचिस्तान से हटाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान सेना, पुलिस, फ्रंटियर कॉर्प्स और लेवीज़ से बड़ी संख्या में बलोच और पश्तून समुदाय के लोगों ने इस्तीफा दे दिया है।
बयान में कहा गया है कि भविष्य में बलूचिस्तान अपनी जमीन, हवाई क्षेत्र और समुद्री तट का इस्तेमाल पाकिस्तान की सेना, नौसेना और वायुसेना को क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि के लिए नहीं करने देगा। हालांकि, इन सभी दावों की किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सरकार की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में फिलहाल सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों की सत्यता की पुष्टि होना बाकी है और पूरे घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा संबंधित एजेंसियों की नजर बनी हुई है।



