केंद्र सरकार ने शनिवार को लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को देश का अगला आर्मी चीफ नियुक्त किया है।धीरज सेठ मौजूदा आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह लेंगे।बता दें उपेंद्र द्विवेदी का कार्यकाल 30 जून को खत्म हो रहा है।उसी दिन सेठ भारत के 31वें आर्मी चीफ का पद संभालेंगे। वे अभी उप सेना प्रमुख के पद पर हैं। उन्होंने दो महीने पहले यानि 1 अप्रैल को यह पद संभाला था। उप सेना प्रमुख भारतीय सेना के दूसरे सबसे बड़े अधिकारी होते हैं।उप सेना प्रमुख के पद रहते हुए धीरज सेठ आर्मी चीफ के साथ मिलकर सेना के कामकाज, सैन्य तैयारियों और नई तकनीक को शामिल करने जैसे अहम काम देखते हैं। सेना के संचालन और व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से चलाने की जिम्मेदारी भी उनके पास होती है।

40 साल में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं
भारतीय सेना में लगभग चार दशक का अनुभव रखने वाले धीरज सेठ जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी सीमा और रेगिस्तानी इलाकों समेत कई संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं।धीरज सेठ दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ भी रह चुके हैं। वे उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर दो प्रमुख ऑपरेशनल कमानों का नेतृत्व किया है। साथ ही अंगोला में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन, सेना मुख्यालय और सेना के क्षमता विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवा दी है।
सेठ का बैकग्राउंड भी सेना से हैं
धीरज सेठ सेना के बैकग्राउंड वाले परिवार से आते हैं। बता दें उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल के पद से 1997 में रिटायर हुए थे। उनके पिता ने सेना की दो बड़ी और अहम टुकड़ियों XXI स्ट्राइक कोर और III कोर की कमान भी संभाली थी।
फ्रांस-अमेरिका में भी की पढ़ाई
धीरज सेठ ने पुणे के खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी और देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी से पढ़ाई की है। इसके अलावा वे वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, महू के आर्मी वॉर कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज के भी पूर्व छात्र रहे हैं।उन्होंने फ्रांस के कॉलेज इंटरआर्मे डी डिफेंस में जनरल स्टाफ कोर्स और अमेरिका के नेवल पोस्टग्रेजुएट स्कूल में इंटरनेशनल डिफेंस एक्विजिशन मैनेजमेंट कोर्स किया। यंग ऑफिसर्स कोर्स में उन्हें ‘सिल्वर सेंचुरियन’ सम्मान भी मिला था।उन्हें साल 2006 में DSSC में अपने कोर्स का बेस्ट ऑल राउंड स्टूडेंट ऑफिसर मेडल मिला था।




