Run For Ram Ayodhya 2026: रामलला की नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने को तैयार है। आगामी 22 फरवरी को ‘रन फॉर राम’ मैराथन का चौथा संस्करण आयोजित होने जा रहा है, जो इस बार पहले से कहीं अधिक भव्य और व्यापक होगा। फिटनेस, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना को समर्पित इस राष्ट्रीय मैराथन में इस बार देश की दो प्रमुख राज्य सरकारों ने अपना हाथ मिलाया है।
गोवा और छत्तीसगढ़ का मिला साथ: बढ़ा मैराथन का मान
इस आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गोवा सरकार इस आयोजन से सिल्वर पार्टनर के रूप में जुड़ी है। यह साझेदारी खेल और सक्रिय जीवनशैली के प्रति गोवा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ सरकार और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRANVP) ने ब्रॉन्ज पार्टनर के रूप में अपना समर्थन दिया है। छत्तीसगढ़ का जुड़ना विशेष है क्योंकि यह भगवान राम का ननिहाल माना जाता है।
क्रीड़ा भारती और RSS का मार्गदर्शन
यह मैराथन अयोध्या के राम कथा पार्क से शुरू होगी। इसका आयोजन क्रीड़ा भारती द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आयोजन समिति का मानना है कि यह दौड़ आध्यात्म और खेल अनुशासन का एक अनूठा संगम साबित होगी, जो सामाजिक एकता की भावना को और मजबूत करेगी।
10 हजार से अधिक धावकों का उमड़ेगा सैलाब
इस बार मैराथन में देश-विदेश से 10 हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें पेशेवर एथलीटों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिक, युवा और श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए ‘स्ट्री इंडिया स्पोर्ट्स फाउंडेशन’ ज्ञान साझेदार (Knowledge Partner) के रूप में कार्य कर रहा है।
“एकता और स्वास्थ्य का राष्ट्रीय आंदोलन”
क्रीड़ा भारती उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अवनीश कुमार सिंह ने कहा कि ‘रन फॉर राम’ अब एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। गोवा और छत्तीसगढ़ जैसी सरकारों का समर्थन इस बात का प्रमाण है कि जनभागीदारी के माध्यम से हम स्वास्थ्य और सांस्कृतिक जागरण का एक सकारात्मक वातावरण तैयार कर सकते हैं।




