
सोमवार की सुबह दिल्ली एक बार फिर घने स्मॉग की चादर में लिपटी हुई नज़र आई। हवा इतनी खराब है कि लोगों को साँस लेना मुश्किल हो रहा है। जिन इलाकों में लोग रोज़ आते-जाते हैं, वहीं आज AQI 450 के करीब दर्ज किया गया—जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 396 दर्ज हुआ। हालत ये है कि दिल्ली के ज़्यादातर मॉनिटरिंग स्टेशनों पर प्रदूषण ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुँच चुका है। जहांग़ीरपुरी में AQI 452, गाज़ीपुर और आनंद विहार में 441, बवाना में 437 और बुराड़ी में 432 दर्ज किया गया। ITO और द्वारका सेक्टर-8 भी गंभीर श्रेणी में रहे।
रविवार को दिल्ली का औसत AQI 391 था, लेकिन सोमवार सुबह हवा और बिगड़ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि हवा की रफ्तार बेहद धीमी है और स्थानीय स्त्रोतों से प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसके चलते राहत की उम्मीद फिलहाल नहीं दिखती। अनुमान है कि अगले तीन दिन—कम से कम बुधवार तक—दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है।
दिल्ली ही नहीं, NCR में भी हालात बेहतर नहीं हैं। नोएडा में AQI 413 दर्ज हुआ, ग्रेटर नोएडा 399 के करीब पहुँचा और गाज़ियाबाद (वसुंधरा) में स्थिति सबसे खराब रही, जहाँ AQI 432 रहा। इन शहरों में भी लोग मास्क, एयर प्यूरीफायर और बाहर निकलने से बचने जैसे कदमों पर भरोसा कर रहे हैं। लगातार बिगड़ती हवा लोगों की चिंता बढ़ा रही है, खासकर बुज़ुर्गों, बच्चों और श्वास संबंधी दिक्कत वाले मरीजों के लिए।



