राष्ट्र टीवी डेस्क | संवाददाता – ज्ञानेश्वर वरक
पणजी (गोवा): गोवा में सरकारी नौकरियों के नाम पर पैसे लेकर लोगों से ठगी करने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। यह कथित “कैश फॉर जॉब” स्कैम अब राज्य की सियासत और प्रशासन, दोनों को हिला रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह फर्जीवाड़ा साल 2014–15 से चल रहा था, जिसमें सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD), परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, राजस्व और पुलिस जैसी कई सरकारी शाखाओं में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत ली गई।

मुख्य आरोप
मुख्य आरोपी पूजा नाइक, निवासी ओल्ड गोवा, ने सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
उनका दावा है कि कई आवेदकों से नकद में, जिनमें ₹2000 के नोट भी शामिल थे, अलग-अलग विभागों के लिए तय “रेट” पर पैसे वसूले गए।
पूजा नाइक का आरोप है कि इस पूरे रैकेट में एक मंत्री, एक IAS अधिकारी और एक PWD इंजीनियर शामिल थे। उन्होंने कहा कि “पैसे देने के बावजूद किसी भी उम्मीदवार को नौकरी नहीं मिली,” और अगर पैसे वापस नहीं किए गए तो वह संबंधित अधिकारियों के नाम उजागर करेंगी।
जांच और कार्रवाई
गोवा पुलिस ने अक्टूबर 2024 से अब तक उत्तर और दक्षिण गोवा में दर्जनों FIR दर्ज की हैं।
पुलिस के अनुसार, अब तक 300 से ज्यादा पीड़ित सामने आए हैं, और ठगी की रकम कई करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
40 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि कई वाहनों, सोने और बैंक खातों की जब्ती की जा चुकी है।
इस बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया है और गोवा पुलिस से केस की फाइलें मांगी हैं।
सरकार का रुख
राज्य सरकार ने माना है कि यह मामला व्यापक स्तर का है, लेकिन अभी तक किसी भी राजनेता या “मुख्य साजिशकर्ता” की भूमिका साबित नहीं हुई है।
राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री ने खुलासा किया कि 2023 से अब तक 34 मामले दर्ज हुए हैं, और कुल 40 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि करोड़ों रुपये की यह ठगी कहां तक पहुंची और इसके पीछे असली दिमाग कौन है।



