GOA NEWS: पिछले कुछ समय से चर्चा का विषय बने Unity Mall और प्रशासन स्तंभ प्रोजेक्ट को लेकर सरकार ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। पर्यटन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब ये प्रोजेक्ट Toyyar Lake के पास नहीं बनाए जाएंगे, बल्कि इन्हें किसी दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जाएगा।
हैरानी की बात यह है कि विभाग ने यह फैसला किसी तकनीकी खामी की वजह से नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है।
सर्वे में क्या निकला?
पर्यटन विभाग द्वारा कराए गए एक विस्तृत सर्वे की रिपोर्ट में यह साफ हो गया है कि प्रस्तावित ‘यूनिटी मॉल’ और ‘प्रशासन स्तंभ’ की साइट Toyyar Lake के इन्फ्लुएंस जोन या कैचमेंट एरिया (प्रभावित क्षेत्र) के भीतर नहीं आती है। तकनीकी तौर पर प्रोजेक्ट को वहां बनाने में कोई कानूनी अड़चन नहीं थी और पर्यावरण को लेकर जो चिंताएं जताई जा रही थीं, सर्वे में उन्हें आधारहीन पाया गया।
फिर शिफ्ट करने का फैसला क्यों?
तकनीकी रूप से सही होने के बावजूद, सरकार ने ग्रामीणों के विरोध और उनकी संवेदनाओं को प्राथमिकता दी है। स्थानीय ग्रामीण लंबे समय से इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे थे क्योंकि उन्हें डर था कि इससे झील के पारिस्थितिकी तंत्र पर असर पड़ सकता है।
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “प्रोजेक्ट पूरी तरह से सुरक्षित क्षेत्र में था, लेकिन सरकार जनभावनाओं का सम्मान करती है। हम नहीं चाहते कि विकास का कोई भी काम लोगों के मन में शंका पैदा करके शुरू हो। इसीलिए हमने इसे दूसरी उपयुक्त जगह पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।”
आगे क्या होगा?
अब प्रशासन इन दोनों महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के लिए वैकल्पिक जमीन की तलाश कर रहा है। प्रोजेक्ट को दूसरी जगह ले जाने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है और इसे ‘लोकतंत्र की जीत’ के रूप में देखा जा रहा है।




